Section 6 of The Petroleum and Minerals Pipelines (Acquisition of Right of User in Land) Act, 1962 in hindi
उपयोग के अधिकार के अर्जन की घोषणा
[(1) जहां कि धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन उसमें विनिर्दिष्ट कालावधि के अन्दर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कोई आक्षेप नहीं किए गए हैं या सक्षम प्राधिकारी ने उस धारा की उपधारा (2) के अधीन आश्षेप नामंजूर कर दिए हैं, वहां वह प्राधिकारी यथाशक्य शीघ्र केन्द्रीय सरकार को धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन अधिसूचना में वर्णित भूमि के बारे में रिपोर्ट या ऐसी भूमि के विभिन्न टुकड़ों के बारे में विभिन्न रिपोर्टे उस सरकार के विनिश्चय के लिए देगा । इन रिपोर्टों में आक्षेपों पर उसकी सिफारिशों के साथ उन कार्यवाहियों का अभिलेख भी होगा, जो उसने की थी और ऐसी रिपोर्ट की प्राप्ति पर यदि केन्द्रीय सरकार का समाधान हो जाता है कि ऐसी भूमि पेट्रोलियम या किसी खनिज के परिवहन के लिए कोई पाइपलाइन बिछाने के लिए अपेक्षित है तो वह, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, यह घोषित करेगी कि पाइपलाइनें बिछाने के लिए भूमि उपयोग के अधिकार का अर्जन किया जाना चाहिए और धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन निकाली गई अधिसूचना में वर्णित भूमि के विभिन्न टुकड़ों के बारे में समय-समय पर विभिन्न घोषणाएं की जा सकेंगी, भले ही इस धारा के अधीन सक्षम प्राधिकारी ने एक रिपोर्ट या विभिन्न रिपोर्टे दी हों |
- (2)उपधारा (1) के अधीन घोषणा के प्रकाशन पर “[उसमें विनिर्दिष्ट भूमि में के| उपयोग का अधिकार सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर आत्यंतिक रूप से केन्द्रीय सरकार में निहित होगा ।
- (3)जहां कि किसी भूमि के बारे में धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन अधिसूचना निकाल दी जाती है, [किन्तु इस धारा के अधीन प्रकाशित उस अधिसूचना के अंतर्गत आने वाली भूमि के किसी टुकड़े के बारे में कोई घोषणा उस अधिसूचना की तारीख से एक वर्ष की कालावधि के अंदर प्रकाशित नहीं की गई है], वहां वह अधिसूचना उस कालावधि के अवसान पर प्रभावहीन हो जाएगी । ' ।1977 के अधिनियम सं० 3 की धारा 6 द्वारा (3-2-977 से) अंत:स्थापित । 2 1977 के अधिनियम सं० 3 की धारा 7 द्वारा (3-2-977 से) उपधारा (1) के स्थान पर प्रतिस्थापित । 3 ]1977 के अधिनियम सं० 3 की धारा 7 द्वारा (3-2-977 से) कतिपय शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित । "[(उक) धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन निकाली गई और पेट्रोलियम पाइपलाइन (भूमि उपयोग के अधिकार का अर्जन) संशोधन अधिनियम, 977 के प्रारम्भ के पश्चात् प्रकाशित अधिसूचना के अन्तर्गत आने वाली किसी भूमि के बारे में कोई घोषणा ऐसे प्रकाशन की तारीख से तीन वर्ष के अवसान के पश्चात् नहीं की जाएगी ।]
- (4)उपधारा (2) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, केन्द्रीय सरकार ऐसे निबन्ध्णनों और शर्तों पर, जिन्हें अधिरोपित करना वह उचित समझती है, लिखित आदेश द्वारा निदेश दे सकेगी कि पाइपलाइन बिछाने के लिए भूमि में के उपयोग का अधिकार केन्द्रीय सरकार में निहित होने के बजाय घोषणा के प्रकाशन की तारीख को या ऐसी अन्य किसी तारीख को, जो निदेश में विनिर्दिष्ट हो, या तो राज्य सरकार में या निगम में जिसकी प्रस्थापना है कि पाइपलाइनें बिछाई जाएं, निहित होगा और तदुपरांत भूमि में का ऐसा उपयोग का अधिकार इस प्रकार अधिरोपित निबन्धनों और शर्तों पर, यथास्थिति, राज्य सरकार या निगम में सभी विल्लंगमों से मुक्त होकर निहित होगा ।