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Section 17 of The Petroleum and Minerals Pipelines (Acquisition of Right of User in Land) Act, 1962 in hindi
नियम बनाने की शक्ति
- (1)केन्द्रीय सरकार इस अधिनियम के '[उपबन्धों] को कार्यान्वित करने के लिए नियम राजपत्र में अधिसूचना द्वारा बना सकेगी ।
- (2)विशिष्टत: और पूर्ववर्ती शक्ति की व्यापकता पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना ऐसे नियम निम्नलिखित सभी विषयों या उनमें से किसी एक के बारे में उपबन्ध कर सकेंगे, अर्थात् : (क) वे स्थान, जहां पर और वह रीति, जिसमें धारा 3 की उपधारा (3) के अधीन अधिसूचना का सार प्रकाशित किया जा सकेगा, (ख) वह समय, जिसके अन्दर और वह रीति, जिसमें धारा की उपधारा (1) के अधीन प्रतिकर की राशि निक्षिप्त की जा सकेगी । ' |1977 के अधिनियम सं० 3 की धारा ]0 द्वारा (3-2-977 से) “प्रयोजनों” के स्थान पर प्रतिस्थापित । प्र '[(3) इस अधिनियम के अधीन बनाया गया प्रत्येक नियम, बनाए जाने के पश्चात् यथाशीघ्र संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष, जब वह सत्र में हो,तीस दिन की अवधि के लिए रखा जाएगा । यह अवधि एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में पूरी हो सकेगी । यदि उस सत्र के या पूर्वोक्त आनुक्रमिक सत्रों के ठीक बाद के सत्र के अवसान के पूर्व दोनों सदन उस नियम में कोई परिवर्तन करने के लिए सहमत हो जाएं तो तत्पश्चात् वह ऐसे परिवर्तित रूप में ही प्रभावी होगा । यदि उक्त अवसान के पूर्व दोनों सदन सहमत हो जाएं कि वह नियम नहीं बनाया जाना चाहिए तो तत्पश्चात् वह निष्प्रभाव हो जाएगा । किन्तु नियम के ऐसे परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से उसके अधीन पहले की गई किसी बात की विधिमान्यता पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा ।]