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Section 10 of The Petroleum and Minerals Pipelines (Acquisition of Right of User in Land) Act, 1962 in hindi
प्रतिकर
- (1)जहां कि किसी व्यक्ति द्वारा धारा 4, धारा 7 या धारा 8 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में कोई नुकसान, हानि या क्षति ऐसे किसी व्यक्ति को होती है, जो उस भूमि में हितबद्ध है, जिसमें पाइपलाइन बिछाने की प्रस्थापना है या बिछाई जा रही है या बिछाई गई है, वहां, यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार या निगम ऐसे व्यक्ति को ऐसे नुकसान, हानि या क्षति के लिए प्रतिकर देने के लिए उत्तरदायी होगा, जिसकी राशि प्रथमत: सक्षम प्राधिकारी द्वारा अवधारित की जाएगी ।
- (2)यदि सक्षम प्राधिकारी द्वारा उपधारा (1) के अधीन अवधारित प्रतिकर की राशि दोनों पक्षकारों में से किसी को प्रतिग्राह्म नहीं है, तो पक्ष्कारों में से किसी पक्षकार द्वारा उस जिला न्यायाधीश के यहां, जिसकी अधिकारिता में भूमि या उसका कोई भाग स्थित है, आवेदन करने पर प्रतिकर की राशि उस जिला न्यायाधीश द्वारा अवधारित की जाएगी ।
- (3)सक्षम प्राधिकारी या जिला न्यायाधीश, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन प्रतिकर अवधारित करते समय उस नुकसान या हानि का सम्यक् ध्यान रखेगा, जो भूमि में हितबद्ध किसी व्यक्ति को--
- (1)धारा 4, धारा 7 या धारा 8 के अधीन शक्तियों का प्रयोग करते समय भूमि पर से वृक्षों या खड़ी फसलों के, यदि कोई हों, हटाए जाने के कारण हुआ है;
- (1)ऐसे व्यक्ति की या उसके अधिभोग में की अन्य भूमियों से उस भूमि का पृथककरण के कारण हुआ है, जिसके अन्दर पाइपलाइन विछाई गई है; (ए) ऐसे व्यक्तियों की किसी अन्य स्थावर या जंगम सम्पत्ति को अथवा ऐसे व्यक्ति के उपार्जनों को हुई क्षति के कारण हुआ है : परन्तु, धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन की गई अधिसूचना की तारीख के पश्चात् भूमि में बनाई गई किसी संरचना या किए गए अन्य सुधार को प्रतिकर अवधारित करने में गणना में नहीं लिया जाएगा ।
- (4)जहां कि किसी भूमि का उपयोग का अधिकार, केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार का निगम में निहित हो गया है, वहां यथास्थिति, केन्द्रीय सरकार, राज्य सरकार या निगम किसी प्रतिकर के अतिरिक्त, यदि कोई हो, जो उपधारा (1) के अधीन देय है, स्वामी और किसी अन्य व्यक्ति को, जिसका उस भूमि में का उपयोग अधिकार इस प्रकार निहित होने के कारण किसी भी रीति से प्रभावित हुआ है, प्रतिकर देगा, जो धारा 3 की उपधारा (1) के अधीन निकाली गई अधिसूचना की तारीख को उस भूमि के बाजार मूल्य के दस प्रतिशत के बराबर होगा ।
- (5)उक्त तारीख को उस भूमि का जो बाजार मूल्य है, वह सक्षम प्राधिकारी द्वारा अवधारित किया जाएगा और यदि उस प्राधिकारी द्वारा इस प्रकार अवधारित मूल्य दोनों पक्षकारों में से किसी को प्रतिग्राह्म नहीं है, तो इसका अवधारण पक्षकारों में से किसी पक्षकार द्वारा उस जिला न्यायाधीश के यहां, जिसे उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट किया गया हैं, आवेदन करने पर उस जिला न्यायाधीश द्वारा किया जाएगा ।
- (6)उपधारा (2) या उपधारा (5) के अधीन जिला न्यायाधीश का विनिश्चय अंतिम होगा । ' ।1977 के अधिनियम सं० 3 की धारा 9 द्वारा (3-2-977 से) अंत:स्थापित ।