Section 18 of The Infant Milk Substitutes, Feeding Bottles and Infant Foods (Regulation of Production, Supply and Distribution) Act, 1992 in hindi
अभिगृहीत शिशु दुग्ध अनुकल्प या पोषण बोतल या शिशु खाद्य या उसके आधान के स्वामी को अवसर दिया
जाना-(1) अधिहरण न्यायनिर्णीत करने वाला या खर्चे के संदाय का निदेश देने वाला कोई आदेश तभी किया जाएगा जब शिशु दुग्ध अनुकल्प या पोषण बोतल या शिशु खाद्य या उसके आधान के स्वामी को उन आधारों की, जिन पर ऐसे अनुकल्प या बोतल या खाद्य या आधान का अधिहरण किया जाना प्रस्थापित है, जानकारी देते हुए और उसे ऐसे युक्तियुक्त समय के भीतर, जो सूचना में विनिर्दिष्ट किया जाए, अधिहरण के विरुद्ध लिखित अभ्यावेदन करने के लिए और यदि वह मामले में सुने जाने की सूचना करता है तो उसके लिए भी, युक्तियुक्त अवसर देते हुए, लिखित सूचना दे दी गई होः
परंतु जहां ऐसी सूचना शिशु दुग्ध अनुकल्प या पोषण बोतल या शिशु खाद्य या उसके आधान के अभिग्रहण की तारीख से नब्बे दिन की अवधि के भीतर नहीं दी गई है, वहां ऐसा अनुकल्प या बोतल या खाद्य या आधान उस अवधि की समात्ति के पश्चात उस व्यक्ति को लौटा दिया जाएगा जिसके कब्जे से उसका अभिग्रहण किया गया था ।
अपील-(2) उपधारा (1) में जैसा उपबंधित है उसके सिवाय, सिविल प्रक्रिया संहिता, 908 (908 का 5) के उपबंध, उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रत्येक कार्यवाही को, जहां तक हो सके, लायू होंगे ।
19. (1) कोई व्यक्ति जो अधिहरण न्यायनिर्णीत करने वाले या खर्चे के संदाय का आदेश करने वाले न्यायालय के किसी विनिश्चय से व्यथित है, उस न्यायालय को, जिसको ऐसे न्यायालय के विनिश्चय की अपील होती है, अपील कर सकेगा ।
- (2)अपील न्यायालय अपीलार्थी को सुनवाई का अवसर देने के पश्चात् उस विनिश्चय या आदेश को, जिसके विरुद्ध अपील की गई है, पुष्ठ, उपांतरित या पुनरीक्षित करते हुए ऐसा आदेश पारित कर सकेगा जो वह ठीक समझे अथवा यदि आवश्यक हो तो मामले को, अतिरिक्त साक्ष्य लेने के पश्चात्, यथास्थिति, नए सिसे से विनिश्चय या न्यायानिर्णयन के लिए ऐसे निदेशों सहित, जो वह ठीक समझे, वापस भेज सकेगा: परंतु अधिहरण के बदले में जुमनि में वृद्धि करने वाला या अधिक मूल्य के माल का अधिहरण करने वाला कोई आदेश इस धारा के अधीन तभी किया जाएगा जब अपीलार्थी को अभ्यावेदन करने का अवसर और यदि वह अपनी प्रतिरक्षा में सुने जाने की वांछा करता है तो उसके लिए भी, अवसर दे दिया गया हो ।
- (3)उपधारा (2) के अधीन किये गए न्यायालय के आदेश के विरुद्ध कोई और अपील नहीं होगी ।