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Section 6B of The Salary, Allowances and Pension of Members of Parliament Act, 1954 in hindi
सदस्यों को यात्रा सुविधाएं
'[(!)] इस अधिनियम के अन्य उपबन्धों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना प्रत्येक सदस्य निम्नलिखित का हकदार होगा--
- (1)जब सदस्य रेल से यात्रा करता है, तब उसके साथ आने जाने वाले एक व्यक्ति के लिए वातानुकूलित दो-टीयर दर्जे के एक मुफ्त रेल पास का, और
- (1)भारत में किसी स्थान से भारत में किसी अन्य स्थान तक आने जाने के लिए सदस्य, पत्नी के साथ, यदि कोई हो, भारत में किसी रेलगाड़ी से वातानुकूलित प्रथम दर्ज या अभिजात्य दर्जे में मुफ्त रेलयात्रा का, और यदि ऐसी यात्रा या उसका कोई भाग सदस्य के प्रायिक निवास स्थान से भिन्न किसी स्थान से दिल्ली तक आने और जाने के लिए लिए वायुमार्ग से की जाती है तो ऐसी यात्रा या उसके भाग के लिए वायुयान के किराए के बराबर रकम का, या सदस्य के प्रायिक निवास स्थान से दिल्ली तक वायुमार्ग से की गई यात्रा के किराए की रकम के बराबर का, जो भी कम हो : परन्तु जहां किसी सदस्य की पति या पत्नी नहीं है, वहां उस सदस्य के साथ कोई व्यक्ति पति या पत्नी के स्थान पर साथ जा सकेगा, और खंड (|) में किसी बात के होते हुए भी इस प्रकार साथ जाने वाला व्यक्ति, पति या पत्नी को उपलब्ध प्रत्येक सुविधा का हकदार होगा ।] *[(2) उपधारा (1) के खशएंड (ए) में किसी बात के होते हुए भी, सदस्य की पत्नी या पति, (क) सदस्य के प्रायिक निवास स्थान से दिल्ली तक आने और वापस जाने के लिए किसी भी रेलगाड़ी से वातानुकूलित प्रथम दर्ज या अभिजात्य दर्जे में रेल द्वारा कितनी भी यात्राएं करने का हकदार होगी या होगा; ' |1988 के अधिनियम सं० 60 की धारा 5 द्वारा (-4-988 से) कतिपय शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित । 2 ।1988 के अधिनियम सं ० 60 की धारा 5 द्वारा (-4-988 से) कतिपय शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित । 3 1988 के अधिनियम सं ० 60 की धारा 5 द्वारा (-4-988 से) अंतःस्थापित । 4 1989 के अधिनियम सं० 30 की धारा 2 द्वारा जोड़ा गया । 5 ।1988 के अधिनियम सं० 60 की धारा 6 द्वारा (-4-988 से) अंत:स्थापित ।
- इस अधिनियम को जम्मू-कश्मीर संघ राज्यक्षेत्र और लद्दाख संघ राज्यक्षेत्र में अधिसूचना सं. सा. का. 392(अ), तारीख, 30 अक्टूबर, 20 9 से लागू किया गया ।
- |1999 के अधिनियम सं० 6 की धारा 4 द्वारा (22-3-999 से) धारा 6ख के स्थान पर प्रतिस्थापित । 7 2000 के अधिनियम सं० 7 की धारा 3 द्वारा धारा 6ख उपधारा (1) के रूप में पुनर्सख्यांकित और परन्तुक अंत:स्थापित । ।
- 2000 के अधिनियम सं० 7 की धारा 3 द्वारा (2) अंत:स्थापित 1200 के अधिनियम सं० 37 की धारा 4 द्वारा प्रतिस्थापित की गई । (ख) जब संसद् सत्र में हो तो सदस्य के प्रायिक निवास स्थान से दिल्ली तक आने या वापस जाने के लिए वायुमार्ग अथवा भागत: वायुमार्ग और भागत: रेल से, इस शर्त के अधीन रहते हुए कि एक वर्ष में ऐसी यात्राओं की संख्या आठ से अधिक नहीं होगी, यात्राएं करने का हकदार होगी या होगा: परन्तु जहां ऐसी कोई यात्रा या उसका भाग, सदस्य के प्रायिक निवास स्थान से भिन्न किसी स्थान से दिल्ली तक आने और वापस जाने के लिए वायुमार्ग द्वारा की जाती है, वहां ऐसी पत्नी या पति, यथास्थिति, ऐसी यात्रा या उसके भाग के लिए किराए के बराबर या सदस्य के प्रायिक निवास स्थान से दिल्ली तक आने या वापस जाने के लिए वायुमार्ग द्वारा की गई यात्रा के किराए के बराबर रकम, जो भी कम हो, की हकदार होगी या होगा ।]