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Section 4 of The Salary, Allowances and Pension of Members of Parliament Act, 1954 in hindi
यात्रा भत्ते
- (1)प्रत्येक सदस्य को, संसद् के किसी सदन के सत्र या किसी समिति की बैठक में उपस्थित होने के प्रयोजन के लिए या सदस्य के रूप में, अपने कर्तव्यों से संबंधित किसी अन्य कार्य में उपस्थित होने के प्रयोजन के लिए अपने प्रायिक निवास-स्थान से उस स्थान तक जहां ऐसा सत्र या ऐसी बैठक होने वाली हो या अन्य कार्य किया जाने वाला हो तथा ऐसे स्थान से अपने प्रायिक निवास-स्थान तक वापसी के लिए उसके “[भारत में] की गई प्रत्येक यात्रा की बाबत-- डक कः कः क क के के (ख) यदि यात्रा वायु मार्ग द्वारा की जाती है तो प्रत्येक ऐसी यात्रा के लिए वायुयान के | “*** टिकट का किराया दिया जाएगा; (ग) यदि यात्रा या उसका कोई भाग रेल या वायुमार्ग द्वारा नहीं किया जा सकता है, तो-- ग[(५) जहां यात्रा या उसका कोई मार्ग स्टीमर द्वारा किया जाता है, वहां प्रत्येक ऐसी यात्रा या उस भाग के लिए स्टीमर में उच्चतम दर्जे के । ४*** टिकट का किराया (भोजन रहित) दिया जाएगा या यदि कोई नियमित स्टीमर-सेवा नहीं है तो प्रत्येक ऐसी यात्रा या उसके भाग के लिए उतनी रकम दी जाएगी जो धारा 9 के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित की जाए :]
- (7)जहां यात्रा या उसका कोई भाग सड़क मार्ग द्वारा किया जाता है, वहां प्रत्येक ऐसी यात्रा या उसके भाग के लिए श['धसौलह रुपए] प्रति किलोमीटर की दर से सड़क मील भत्ता दिया जाएगा] : "[पंरतु जब संसद् सत्र में हो और किसी सदस्य की पत्नी या पति, यदि कोई हो, ऐसी यात्रा या उसका कोई भाग ऐसे सदस्य के साथ के बिना सड़क मार्ग से करती है या करता है, जिसकी बाबत ऐसी पत्नी या पति को सदस्य के प्रायिक निवास स्थान से दिल्ली तक आने और वापस जाने के लिए वायु मार्ग अथवा भागत: वायु मार्ग और भागत: रेल से यात्रा करने के लिए धारा 6ख की उपधारा (2) के अधीन अनुज्ञात किया गया है, वहां इस शर्त के अधीन रहते हुए कि एक वर्ष में ऐसी यात्राओं की संख्या आठ से अधिक नहीं होगी, इस उपखंड के अधीन विहित सड़क मील भत्ता ऐसे सदस्य को ऐसी यात्रा या उसके भाग के लिए अनुज्ञात किया जाएगा :] [परंतु यह और कि जहां कोई सदस्य दिल्ली में किसी हवाई अड्डे से और उस तक सड़क द्वारा यात्रा करता है वहां उसे ऐसी प्रत्येक यात्रा के लिए कम से कम एक सौ बीस रुपए की रकम दी जाएगी ।] 2% लि क क क कः स्पष्टीकरण--इस उपधारा के खण्ड (ग) के उपखण्ड (॥) के प्रयोजनों के लिए “यात्रा” पद के अन्तर्गत रेल स्टेशन, पत्तन या हवाई अड्डे से, यथास्थिति, सदस्य के प्रायिक निवास-स्थान तक या जहां संसद् के सदन का सत्र होने वाला है या समिति की बैठक होने वाली है या जहां कोई अन्य कार्य किया जाने वाला है, उस स्थान पर सदस्य के निवास तक आने जाने की यात्रा है।
- (2)उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, ऐसा सदस्य, जो रेल या स्टीमर द्वारा जुड़े हुए स्थानों के बीच, सड़क मार्ग द्वारा या तो पूर्णत: या भागत: यात्रा करता है, यदि वह, यथास्थिति, रेल या स्टीमर द्वारा यात्रा करता है तो उसे जो मील भत्ता प्राप्त होता, उस भत्ते के बदले, उपधारा (1) के खण्ड (ग) के उपखण्ड (1) में निर्दिष्ट मील भत्ता ले सकेगा : ।3% क क क क क जि ! 1993 के अधिनियम सं ० 48 की धारा 2 द्वारा अंतःस्थापित । 2 1200 के अधिनियम सं० 37 की धारा 2 द्वारा प्रतिस्थापित । 32020 के अधिनियम सं० !9 की धारा 2 द्वारा अंतःस्थापित । 4 1958 के अधिनियम सं० 55 की धारा 4 द्वारा अंत:स्थापित । 2 2078 के अधिनियम सं» 3 की धारा ]43 द्वारा लोप किया गया ।
6 1208 के अधिनियम सं० 3 की धारा 43 द्वारा “!*” अंको का लोप किया गया।
7 1958 के अधिनियम सं ० 55 की धारा 4 द्वारा (भूतलक्षी रूप से) उपखंड (1) के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
- 1208 के अधिनियम सं० 3 की धारा 43 द्वारा “*/४” अंकों का लोप किया गया ।
- 2070 के अधिनियम सं० 37 की धारा 3 द्वारा प्रतिस्थापित । !" 1993 के अधिनियम सं० 48 की धारा 3 द्वारा कतिपय शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित । ॥। 1993 के अधिनियम सं ० 48 की धारा 3 द्वारा अंत:स्थापित । !? 20]0 के अधिनियम सं० 37 की धारा 3 द्वारा लोप किया गया । 3 [1998 के अधिनियम सं ० 28 की धारा 3 द्वारा परन्तुक का लोप किया गया । [परन्तु ऐसे सदस्य द्वारा सम्पूर्ण यात्रा के लिए ली गई यात्रा भत्ता की कुल रकम, ऐसी रकम से अधिक नहीं होगी, जो यदि, वह, यथास्थिति, रेल या स्टीमर से ऐसी यात्रा करता तो उसे अनुज्ञेय होती : परन्तु यह और कि पहला परन्तुक केवल ऐसी यात्रा को ही लागू होगा जहां यात्रा के स्थान एक्सप्रेस, मेल या सुपरफास्ट रेलगाड़ी द्वारा जुड़े हुए हैं ।| थूपरन्तु यह भी कि पहला परंतुक ऐसे सदस्य को लागू नहीं होगा जो, यथास्थिति, राज्य सभा के सभापति या लोक सभा के अध्यक्ष की राय में, शारीरिक रूप से इतना असमर्थ है कि वह वायु मार्ग या रेलगाड़ी द्वारा यात्रा नहीं कर सकता है;] अूपरंतु यह भी कि किसी सदस्य के दिल्ली से तीन सौ किलोमीटर की दूरी के भीतर निवास करने की दशा में, वह या उसकी पत्नी/उसका पति, उसके द्वारा सड़क द्वारा की गई यात्रा के लिए ऐसे भत्ते के स्थान पर, जो उसे उस समय अनुज्ञेय होता जब उसने, यथास्थिति, रेल द्वारा या सड़क द्वारा ऐसी यात्रा की होती, उपधारा (1) के खंड (ग) के उपखंड (7) में निर्दिष्ट मील भत्ता ले सकेगा : परंतु यह और भी कि किसी सदस्य के अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम या त्रिपुरा राज्यों में निवास करने की दशा में वह या उसकी पत्नी/उसका पति उक्त राज्यों में से किसी में अपने निवास से निकटतम विमानपत्तन 'तक उसके द्वारा सड़क द्वारा की गई यात्रा के लिए उपधारा (1) के खंड (ग) के उपखंड (1) में निर्दिष्ट मील भत्ता ले सकेगा ।] “[(3) ऐसे सदस्य की हैसियत में अपने कर्तव्यों के निर्वहन में भारत के बाहर किए गए किसी दौरे के अनुक्रम में अपने द्वारा की गई यात्रा के बारे में सदस्य को ऐसे यात्रा तथा दैनिक भत्ते दिए जाएंगे, जो धारा 9 के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित किए जाएं ।] थू(4) ऐसे किसी व्यक्ति को,-- (क) जो राज्य सभा के सदस्य के रूप में द्विवार्षिक निर्वाचन में निर्वाचित हुआ है, किंतु लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 95 (95। का 43) की धारा 7। के अधीन उसके नाम को अधिसूचित करने वाली अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित नहीं की गई है; या (ख) जो नई लोक सभा का गठन करने के प्रयोजन के लिए हुए साधारण निर्वाचन में लोक सभा के सदस्य के रूप में निर्वाचित हुआ है, किंतु लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, ।95। (95। का 43) की धारा 73 के अधीन उसके नाम को अधिसूचित करने वाली अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित नहीं की गई है; या (ग) जो संसद् के किसी सदन के सदस्य के रूप में किसी उपनिर्वाचन में निर्वाचित हुआ है या संसद् के किसी सदन के सदस्य के रूप में नामनिर्दिष्ट किया गया है, खंड (क) या खंड (ख) में निर्दिष्ट अधिसूचना के प्रकाशन से पूर्व या खंड (ग) के अधीन निर्वाचन या नामनिर्देशन पर दिल्ली आने के लिए उसके द्वारा की गई प्रत्येक यात्रा के संबंध में किराए के बराबर रकम का संदाय किया जाएगा : परन्तु यदि यात्रा रेल या स्टीमर या सड़क द्वारा की जाती है तो वह उस किराए या मील भत्ते की प्रतिपूर्ति किए जाने का हकदार होगा जिसके लिए कोई सदस्य हकदार है : परन्तु यह और कि यदि वह यात्रा वायुमार्ग द्वारा करता है तो ऐसी यात्रा धारा 5 की उपधारा (2) के पहले परंतुक में निर्दिष्ट बत्तीस यात्राओं की गणना करने के प्रयोजन के लिए सम्मिलित की जाएगी ।]