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Section 6 of The Salary, Allowances and Pension of Members of Parliament Act, 1954 in hindi
रेल द्वारा मुफ्त यात्रा
- (1)प्रत्येक सदस्य को [किसी रेलगाड़ी के वातानुकूलित प्रथम दर्ज या अभिजात्य दर्ज का एक मुफ्त अनन्तरणीय पास दिया जाएगा, जिससे वह भारत में किसी रेल से किसी समय यात्रा करने का हकदार होगा । स्पष्टीकरण--[इस उपधारा तथा धारा 6क और 6ख के प्रयोजनों के लिए], सदस्य के अन्तर्गत मंत्रियों के सम्बलम् और भत्तों से संबंधित अधिनियम, 952 (952 का 58) में यथापरिभाषित मंत्री [संसद् में विपक्षी नेता वेतन और भत्ता अधिनियम, 977 (977 का 33) में यथापरिभाषित विपक्षी नेता] तथा संसद् अधिकारी वेतन और भत्ता अधिनियम, ।963 (963 का 20) में यथापरिभाषित राज्य सभा के सभापति से भिन्न संसद् के अधिकारी होंगे ।
- (2)उपधारा (1) के अधीन किसी सदस्य को जारी किया गया मुफ्त रेल पास उसकी पदावधिपर्यन्त विधिमान्य होगा और ऐसी अवधि की समाप्ति पर, वह पास, यथास्थिति लोक सभा या राज्य सभा के सचिव को वापस कर दिया जाएगा : परन्तु जहां कोई ऐसा पास किसी नए सदस्य को उसके संसद् के किसी सदन में अपना स्थान ग्रहण करने के पूर्व जारी किया गया हैं, वहां वह उस सदन के सत्र में, अपना स्थान ग्रहण करने के लिए उपस्थित होने के लिए उस पास का उपयोग करने का हकदार होगा ।
- (3)जब तक उपधारा (1) के अधीन किसी सदस्य को मुफ्त रेल पास न दिया जाए तब तक वह धारा 4 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रकृति की अपने द्वारा की गई किसी रेल यात्रा के लिए [किसी रेलगाड़ी के वातानुकूलित प्रथम दर्जे या अभिजात्य दर्जे] के एक टिकट के किराए के बराबर रकम का हकदार होगा और यह समझा जाएगा कि वह इस प्रकार सदैव हकदार था ।
- (4)कोई ऐसा सदस्य जो सदस्य न रह जाने पर अपना पास वापस कर देता है, यदि वह धारा 4 की उपधारा (1) में निर्दिष्ट प्रकृति की कोई वापसी यात्रा रेल द्वारा करता है, तो उस यात्रा की बाबत [किसी रेलगाड़ी के वातानुकूलित प्रथम दर्जे या अभिजात्य दर्ज] के एक टिकट के किराए के बराबर रकम का हकदार होगा और यह समझा जाएगा कि वह इस प्रकार सदैव हकदार था ।
- (5)इस धारा की किसी भी बात का यह अर्थ नहीं लगाया जाएगा कि वह किसी सदस्य को किनहीं ऐसे यात्रा भत्तों का हकदार नहीं बनाती हैं, जिनका वह इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन अन्यथा हकदार है ।]