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Section 23 of The Supreme Court Judges (Salaries and Conditions of Service) Act, 1958 in hindi
किराया-मुक्त मकानों की सुविधाएं और सेवा की अन्य शर्तें-(1) प्रत्येक न्यायाधीश को ऐसे नियमों के अनुसार, जो इस
निमित्त समय-समय पर बनाए जाएं, रहने के लिए सरकारी मकान के उपयोग का हक होगा । '[(क) यदि कोई न्यायाधीश सरकारी निवास का उपयोग नहीं करता है तो उसे प्रतिमास वेतन के चौबीस प्रतिशत की रकम के बराबर के भत्ते का संदाय किया जा सकेगा, जिसमें, (क) सत्ताईस प्रतिशत की दर से तब वृद्धि कर दी जाएगी, जब महंगाई भत्ता पच्चीस प्रतिशत को पार कर लेगा; (ख) तीस प्रतिशत की दर से तब वृद्धि कर दी जाएगी, जब महंगाई भत्ता पचास प्रतिशत को पार कर लेगा ।]
- (2)प्रत्येक न्यायाधीश और उसके कुटुम्ब के सदस्य ऐसे चिकित्सीय-उपचार के लिए तथा अस्पतालों में वास सुविधा प्राप्त करने के लिए ऐसी सुविधाओं के हकदार होंगे जो समय-समय पर विहित की जाएं ।
- (3)किसी न्यायाधीश की सेवा की ऐसी शर्तें, जिनके लिए इस अधिनियम में कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीं किया गया है, वे होंगी, जो इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा अवधारित की जाएं । श(4) उपधारा (1), उपधारा (2) और उपधारा (3), 26 जनवरी, 950 को प्रवृत्त हुई समझी जाएंगी और उपधारा (।क), 9 मई, 986 को प्रवृत्त हुई समझी जाएगी तथा उक्त उपधाराओं में से किसी के अधीन बनाया गया कोई नियम इस प्रकार बनाया जा सकेगा कि उसे किसी ऐसी तारीख से भूतलक्षी प्रभाव दिया जा सके जो संबंधित उपधाराओं के प्रारंभ से पहले की न हो ।