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Section 14 of The Supreme Court Judges (Salaries and Conditions of Service) Act, 1958 in hindi
ऐसे न्यायाधीशों की बाबत जो सेवा के सदस्य हैं पेंशन के लिए विशेष उपबन्ध
'[(1) ऐसे प्रत्येक न्यायाधीश को, जिसने संघ या किसी राज्य के अधीन कोई अन्य पेंशन योग्य पद धारण किया है, उसकी निवृत्ति पर अनुसूची के भाग 3 के उपबंधों के अनुसार पेंशन संदत्त होगी :
परन्तु ऐसा प्रत्येक न्यायाधीश, यथास्थिति, या तो अनुसूची के भाग । या अनुसूची के भाग 3 के अधीन उसको संदेय पेंशन प्राप्त करने का चयन करेगा और उसको संदेय पेंशन तदुनुसार संगणित की जाएगी ।]
- (2)उपधारा (1) में किसी बात के होते हुए भी, कोई न्यायाधीश, जिसको वह उपधारा लायू होती है और जो 974 के अक्तूबर के प्रथम दिन को या उसके पश्चात् सेवा में है, यदि उसने अनुसूची के, ** * * भाग 3 के अधीन अपने को संदेय पेंशन प्राप्त
1998 के अधिनियम सं ० 8 की धारा 8 द्वारा “पेंशन” के स्थान पर प्रतिस्थापित ।
2 1998 के अधिनियम सं० 8 की धारा 7 द्वारा (--996 से) अंतःस्थापित । २ 1208 के अधिनियम सं० 0 की धारा 6 द्वारा प्रतिस्थापित ।
4 2005 के अधिनियम सं ० 46 की धारा 6 द्वारा लोप किया गया ।
5 1206 के अधिनियम सं० 3 की धारा 22 द्वारा प्रतिस्थापित ।
- 2005 के अधिनियम सं० 46 की धारा 7 द्वारा अंतःस्थापित । 7 1206 के अधिनियम सं ० 3 की धारा 23 द्वारा प्रतिस्थापित । करने का चयन उस उपधारा के परन्तुक के अधीन उस तारीख के पूर्व, जिसको उच्चतम न्यायालय न्यायाधीश (सेवा शर्त) संशोधन अधिनियम, ।976 को राष्ट्रपति की अनुमति प्राप्त होती है, कर लिया है तो, ऐसे चयन को रद्द कर सकता है और अनुसूची के भाग | के अधीन संदेय पेंशन प्राप्त करने का फिर से चयन कर सकता है और ऐसे किसी न्यायाधीश के बारे में, जिसकी मृत्यु ऐसी अनुमति की तारीख से पूर्व हो जाती है, यह समझा जाएगा कि उसने उक्त भाग । के उपबन्धों द्वारा शासित होने के लिए फिर से चयन उस दशा में किया है जिसमें उस भाग के उपबन्ध उसके लिए अधिक अनुकूल हैं ।]