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Section 11 of The Supreme Court Judges (Salaries and Conditions of Service) Act, 1958 in hindi
छुट्टी या दीर्घावकाश से अधिक ठहरने के परिणाम
- (1)यदि कोई न्यायाधीश अपनी छुट्टी या किसी दीर्घावकाश के, चाहे उसमें छुट्टी मिलाई गई हो या नहीं, बाद भी छुट्टी पर बना रहता है तो, यथास्थिति, उसे, उतनी छुट्टी से, जितनी उसे मंजूर की गई है, अधिक की अवधि में उसकी अनुपस्थिति के लिए या दीर्घावकाश की समाप्ति के बाद की उसकी अनुपस्थिति के लिए, कोई वेतन नहीं मिलेगा : परन्तु यदि ऐसी अनुपस्थिति उन परिस्थितियों के कारण हुई है जो उसके नियंत्रण के बाहर हैं तो अनुपस्थिति की अवधि को छुट्टी माना जा सकता है और उसे उसके छुट्टी के खाते में डाला जा सकता है ।
- (2)इस अधिनियम की किसी भी बात का अर्थ यह नहीं लगाया जा सकेगा कि वह किसी न्यायाधीश से यह अपेक्षा करती है कि वह अपनी छुट्टी की अवधि की समाप्ति पर, जब वह अवधि किसी दीर्घावकाश के प्रारम्भ से ठीक पूर्व समाप्त हो रही हो, पुनः पद ग्रहण करे और न ही वह किसी कार्यकारी मुख्य न्यायाधिपति को इस बात के लिए प्राधिकृत करती है कि वह दीर्घावकाश के दौरान कार्यकारी नियुक्ति पर बना रहे ।