Section 2 of The Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1988 in hindi
परिभाषाएं
इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) “समुचित सरकार” से केंद्रीय सरकार या केंद्रीय सराकर के किसी अधिकारी द्वारा किए गए निरोध आदेश अथवा ऐसे आदेश के अधीन निरुद्ध किसी व्यक्ति की बाबत, केंद्रीय सरकार और किसी राज्य सरकार या किसी राज्य के किसी अधिकारी द्वारा किए गए निरोध आदेश अथवा ऐसे आदेश के अधीन निरुद्ध किसी व्यक्ति की बाबत, राज्य सरकार अभिप्रेत है ;
(ख) “सीमाशुल्क विमानपत्तन” से सीमाशुल्क अधिनियम, 962 (962 का 52) की धारा 7 के खंड (क) के अधीन सीमाशुल्क विमानपत्तन के रूप में नियत किया गया कोई विमानपत्तन अभिप्रेत है ;
(ग) “निरोध आदेश” से धारा 3 के अधीन किया गया आदेश अभिप्रेत है :
(घ) “विदेशी” का वही अर्थ है, जो विदेशियों विषयक अधिनियम, 946 (946 का 3) में है ;
(ड) स्वापक ओपषधियों और मन:प्रभावी पदार्थों के संबंध में, “अवैध व्यापार” से निम्नलिखित अभिप्रेत है :--
- (1)किसी कोका के पौधे की खेती करना या कोका के पौधे के किसी भाग का संग्रह करना ;
- (1)अफीम, पोस्त या किसी कैनेबिस के पौधे की खेती करना ; (छा) स्वापक ओषधियों या मनःप्रभावी पदार्थों के उत्पादन, विनिर्माण, कब्जे, विक्रय, क्रय, परिवहन, भांडागारण, छिपाने, उपयोग या उपभोग, अंतरराज्यिक आयात, अंतरराज्यिक निर्यात, भारत में आयात, भारत से निर्यात या यानांतरण में लगना ; (४) स्वापक ओषधियों या मन:प्रभावी पदार्थों के, उपखंड (1) से उपखंड (॥॥) तक में उपबंधित से भिन्न, किनहीं क्रियाकलापों में संव्यवहार करना : या (४) उपखंड (1) से उपखंड (४) तक में निर्दिष्ट क्रियाकलापों में से किसी को चलाने के लिए किसी परिसर का प्रबंध करना या उसे किराए पर देना, सिवाय उनके जिन्हें स्वापक ओषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 985 (985 का 6) या उसके अधीन बनाए गए किसी नियम या किए गए आदेश, या जारी की गई किसी अनुज्ञप्ति, निबंधन या प्राधिकारी की किसी शर्त के अधीन अनुज्ञात किया गया है, और इसके अंतर्गत निम्नलिखित भी हैं--
- (1)पूर्ववर्णित क्रियाकलापों में से किसी का प्रत्यक्षत: या अप्रत्यक्षत: वित्तपोषण करना ;
- (2)पूर्ववर्णित क्रियाकलापों में से किसी के करने को अग्रसर करने में या समर्थन में दुष्प्रेरण या षड़यंत्र करना ; और
- (3)पूर्ववर्णित क्रियाकलापों में से किसी में लगे व्यक्तियों को संश्रय देना ; (च) “भारतीय सीमाशुल्क सागरखंड” का वही अर्थ है जो सीमाशुल्क अधिनियम, 962 (962 का 52) की धारा 2 के खंड (28) में है: (छ) “राज्य सरकार” से किसी संघ राज्यक्षेत्र के संबंध में उसका प्रशासक अभिप्रेत है ; (ज) उन शब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुक्त हैं किंतु परिभाषित नहीं हैं और स्वापक ओपषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, ।985 (985 का 6) में परिभाषित हैं, वही अर्थ होंगे जो, क्रमश: उनके उस अधिनियम में हैं ।