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Section 13 of The Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1988 in hindi
निरुद्ध व्यक्तियों की अस्थायी निर्मुक्ति
- (1)केंद्रीय सरकार किसी भी समय यह निदेश दे सकेगी कि उस सरकार द्वारा या उस सरकार के अधीनस्थ किसी अधिकारी द्वारा या राज्य सरकार द्वारा या राज्य सरकार के अधीनस्थ किसी अधिकारी द्वारा किए गए निरोध आदेश के अनुसरण में निरुद्ध कोई व्यक्ति किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए या तो बिना शर्तों के या उस निदेश में विनिर्दिष्ट ऐसी शर्तों पर, जिन्हें वह व्यक्ति स्वीकार करे, निर्मुक्त कर दिया जाए और किसी भी समय उसकी निर्मक्ति को रद्द कर सकेगी ।
- (2)राज्य सरकार किसी भी समय यह निदेश दे सकेगी कि उस सरकार द्वारा या उस सरकार के अधीनस्थ किसी अधिकारी द्वारा जारी किए गए निरोध आदेश के अनुसरण में निरुद्ध कोई व्यक्ति किसी विनिर्दिष्ट अवधि के लिए या तो बिना शर्तों के या उस निदेश में विनिर्दिष्ट ऐसी शर्तों पर, जिन्हें वह व्यक्ति स्वीकार करे, निर्मुक्त कर दिया जाए और किसी भी समय उसकी निर्मक्ति को रद्द कर सकेगी ।
- (3)उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन किसी व्यक्ति की निर्मक्ति का निदेश देते समय, निर्मक्ति का निदेश देने वाली सरकार निदेश में विनिर्दिष्ट शर्तों के सम्यक् अनुपालन के लिए उससे प्रतिभुओं सहित एक बंधपत्र निष्पादित करने की अपेक्षा कर सकेगी ।
- (4)उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन निर्मुक्त कोई व्यक्ति, यथास्थिति, उसकी निर्मक्ति का निदेश देने वाले या उसकी निर्मक्ति रद्द करने वाले आदेश में विनिर्दिष्ट समय और स्थान पर और प्राधिकारी के समक्ष अपने आप को अभ्यर्पित करेगा ।
- (5)यदि कोई व्यक्ति बिना किसी पर्याप्त कारण के अपने आप को उपधारा (4) में विनिर्दिष्ट रीति से अभ्यर्पित करने में असफल रहता है तो वह ऐसी अवधि के कारावास से जो दो वर्ष की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडनीय होगा ।
- (6)यदि कोई व्यक्ति, जो उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन निर्मक्त किया गया है, उक्त उपधारा के अधीन उस पर अधिरोपित या उसके द्वारा निष्पादित बंधपत्र की शर्तों में से किसी को पूरा करने में असफल रहता है तो वह बंधपत्र समपह्त घोषित किया जाएगा और उसके द्वारा आबद्ध कोई व्यक्ति उससे संबंधित शास्ति का संदाय करने के लिए दायी होगा ।
- (7)किसी अन्य विधि में किसी बात के होते हुए भी और इस धारा में अन्यथा उपबंधित के सिवाय, कोई व्यक्ति, जिसके विरुद्ध इस अधिनियम के अधीन किया गया निरोध आदेश प्रवृत्त है, जमानत पर या जमानत-पत्र पर या अन्यथा निर्मुक्त नहीं किया जाएगा ।