Section 10 of The Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1988 in hindi
वे मामले जिनमें और वे परिस्थितियां जिनके अधीन व्यक्तियों को सलाहकार बोर्ड की राय अभिप्राप्त किए बिना तीन
मास से अधिक अवधि के लिए निरुद्ध किया जा सकेगा--(1) इस अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, कोई व्यक्ति (जिसके अंतर्गत विदेशी भी हैं) जिसके संबंध में इस अधिनियम के अधीन '[3। जुलाई, 999] से पूर्व किसी भी समय निरोध का आदेश किया जाता है, संविधान के अनुच्छेद 22 के खंड (4) के उपखंड (क) के उपबंधों के अनुसार सलाहकार बोर्ड की राय अभिप्राप्त किए बिना उसके निरोध की तारीख से तीन मास से अधिक किंतु छह मास से अनधिक की अवधि के लिए तब निरुद्ध किया जा सकेगा जब निरोध का आदेश ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध स्वापक ओपषधि और मन:प्रभावी पदार्थ के अवैध व्यापार में लगने से उसे निवारित करने की दृष्टि से किया गया है, और केंद्रीय सरकार या केंद्रीय सरकार के किसी अधिकारी का, जो उस सरकार के अपर सचिव की पंक्ति से कम का नहीं है और जिसे उस सरकार द्वारा इस धारा के प्रयोजनों के लिए विशेष रूप से सशक्त किया गया है, यह समाधान हो जाता है कि ऐसा व्यक्ति अवैध व्यापार के लिए सहजभेद्य किसी क्षेत्र में, उस क्षेत्र से बाहर, उस क्षेत्र में से या उसके भीतर स्वापक ओपषधियों और मन:प्रभावी पदार्थों के अवैध व्यापार में लगा हुआ है या उसका लगना संभाव्य है और ऐसे व्यक्ति के निरोध के पांच सप्ताह के भीतर उस आशय की घोषणा करता है ।
स्पष्टीकरण ]--इस उपधारा में “ऐसे अवैध व्यापार के लिए सहजभेद्य क्षेत्र” से निम्नलिखित क्षेत्र अभिप्रेत है,
- (1)भारतीय सीमाशुल्क सागर खंड,
- (1)सीमाशुल्क विमानपत्तन,
- (7)मुम्बई, कलकत्ता, दिल्ली, मद्रास के महानगर और वाराणसी नगर, (४) भारत के तट से चौड़ाई में एक सौ किलोमीटर वह अंतरदेशीय क्षेत्र जो आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु और पश्चिमी बंगाल राज्यों के राज्यक्षेत्रों और दमन तथा दीव और पांडिचेरी संघ राज्यक्षेत्रों के अंतर्गत आता है, (४) निम्नलिखित सीमाओं से चौड़ाई में एक सौ किलोमीटर अंतरदेशीय क्षेत्र (क) गुजरात, पंजाब और राजस्थान राज्यों में भारत-पाकिस्तान सीमा ; (ख) बिहार, सिक्किम, उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बंगाल राज्यों में भारत-नेपाल सीमा ; (ग) अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और नागालैंड राज्यों में भारत-बर्मा सीमा ; (घर) असम, मेघालय, त्रिपुरा और पश्चिमी बंगाल राज्यों में भारत-बांग्लादेश सीमा ; (ड) अरुणाचल प्रदेश, असम, सिक्किम और पश्चिमी बंगाल राज्यों में भारत-भूटान सीमा : (भा) ऐसा अन्य क्षेत्र या सीमाशुल्क स्टेशन, जिसे केंद्रीय सरकार ऐसे क्षेत्र या सीमाशुल्क स्टेशन के अवैध व्यापार के लिए सहजभेद्य होने को ध्यान में रखते हुए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे । स्पष्टीकरण 2--स्पप्टीकरण । के प्रयोजनों के लिए “सीमाशुल्क स्टेशन” का वही अर्थ है जो सीमाशुल्क अधिनियम, 962 (962 का 52) की धारा 2 के खंड (3) में है ।
- (2)ऐसे निरोध आदेश के अधीन निरुद्ध किए गए किसी ऐसे व्यक्ति की दशा में, जिसे उपधारा (1) के उपबंध लागू होते हैं, धारा 9 निम्नलिखित उपांतरणों के अधीन रहते हुए प्रभावी होगी, अर्थात् :--
- (1)खंड (ख) में “पांच सप्ताह के भीतर” शब्दों के स्थान पर “चार मास और दो सप्ताह के भतीर” शब्द रखे जाएंगे ;
- (1)खंड (ग) में, (क) “संबंधित व्यक्ति के निरोध” शब्दों के स्थान पर “संबंधित व्यक्ति के निरंतर निरोध” शब्द रखे जाएंगे ; (ख) “ग्यारह सप्ताह” शब्दों के स्थान पर “पांच मास और तीन सप्ताह” शब्द रखे जाएंगे ; ' ]1996 के अधिनियम सं० ]6 की धारा 2 द्वारा प्रतिस्थापित । (व) खंड (च) में “निरोध” शब्द के स्थान पर, उन दोनों स्थानों पर जहां वे आता है, “निरंतर निरोध” शब्द रखे जाएंगे ।