Of offences against childCentral
Section 97 of The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 in hindi
धारा - 97.दस वर्ष से कम आयु के शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उसका व्यपहरण या अपहरण - जो कोई, दस वर्ष से कम आयु के किसी शिशु का इस आशय से व्यपहरण या अपहरण करता है कि ऐसे शिशु के शरीर पर से कोई चल संपत्ति बेईमानी से ले ले, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा ।
96PreviousSection 96 धारा - 96. शिशु का उपापन - जो कोई, किसी शिशु को अन्य व्यक्ति से अनुचित संभोग करने के लिए विवश या विलुब्ध करने के आशय से या उसके द्वारा विवश या विलुब्ध किया जाएगा, यह सम्भाव्य जानते हुए ऐसे शिशु को किसी स्थान से जाने को या कोई कार्य करने को किसी भी साधन द्वारा उत्प्रेरित करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा ।98NextSection 98 धारा - 98. वेश्यावृति, आदि के प्रयोजन के लिए शिशु को बेचना - जो कोई किसी शिशु को इस आशय से कि ऐसा शिशु किसी भी आयु में वेश्यावृति या किसी व्यक्ति से अनुचित संभोग करने के लिए या किसी विधिविरुद्ध और दुराचारिक प्रयोजन के लिए काम में लाया जाए या उपयोग किया जाए या यह संभाव्य जानते हुए कि ऐसा शिशु किसी भी आयु में ऐसे प्रयोजन के लिए काम में लाया जाएगा या उपयोग किया जाएगा, बेचता है, भाड़े पर देता है या अन्यथा व्ययनित करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा ।