OF CONTEMPTS OF THE LAWFUL AUTHORITY OF PUBLIC SERVANTSCentral
Section 218 of The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 in hindi
धारा -218. लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा संपत्ति लिए जाने का प्रतिरोध - जो कोई, किसी लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा किसी संपत्ति को ले लिए जाने का प्रतिरोध यह जानते हुए या यह विश्वास करने का कारण रखते हुए करता है। कि वह ऐसा लोक सेवक है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
217PreviousSection 217 धारा -217. इस आशय से मिथ्या सूचना देना कि लोक सेवक अपनी विधिपूर्ण शक्ति का उपयोग दूसरे व्यक्ति को क्षति करने के लिए करे - जो कोई, किसी लोक सेवक को कोई ऐसी सूचना, जिसके मिथ्या होने का उसे ज्ञान या विश्वास है, इस आशय से देता है कि वह उस लोक सेवक को प्रेरित करे या यह सम्भाव्य जानते हुए देता है कि वह उसको उसके द्वारा प्रेरित करेगा कि वह लोक सेवक-219NextSection 219 धारा -219. लोक सेवक के प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई संपत्ति के विक्रय में बाधा डालना - जो कोई ऐसी किसी संपत्ति के विक्रय में, जो ऐसे लोक सेवक के नाते किसी लोक सेवक के विधिपूर्ण प्राधिकार द्वारा विक्रय के लिए प्रस्थापित की गई है, साशय बाधा डालता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।