OF FALSE EVIDENCE AND OFFENCES AGAINST PUBLIC JUSTICECentral
Section 247 of The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 in hindi
धारा -247. ऐसी राशि के लिए जो देय नहीं है, कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना - जो कोई किसी व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी राशि के लिए, जो देय न हो, या जो देय राशि से अधिक हो, या किसी संपत्ति या संपत्ति में के हित के लिए, जिसका वह हकदार न हो, डिक्री या आदेश कपटपूर्वक अभिप्राप्त करता है या किसी डिक्री या आदेश को, उसके तुष्ट कर दिए जाने के पश्चात् या ऐसी बात के लिए, जिसके विषय में उस डिक्री या आदेश की तुष्टि कर दी गई हो, किसी व्यक्ति के विरुद्ध कपटपूर्वक निष्पादित करवाता है या अपने नाम में कपटपूर्वक ऐसा कोई कार्य किया जाना सहन करता है या किए जाने की अनुमति देता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि दो वर्ष की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
246PreviousSection 246 धारा -246. बेईमानी से न्यायालय में मिथ्या दावा करना - जो कोई, कपटपूर्वक या बेईमानी से या किसी व्यक्ति को क्षति या क्षोभ कारित करने के आशय से न्यायालय में कोई ऐसा दावा करता है, जिसका मिथ्या होना वह जानता हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा, और जुर्माने का भी दायी होगा ।248NextSection 248 धारा -248. क्षति करने के आशय से अपराध का मिथ्या आरोप - जो कोई, किसी व्यक्ति को यह जानते हुए कि उस व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी कार्यवाही या आरोप के लिए कोई न्यायसंगत या विधिपूर्ण आधार नहीं है, क्षति कारित करने के आशय से उस व्यक्ति के विरुद्ध कोई दांडिक कार्यवाही संस्थित करता है या करवाता है। या उस व्यक्ति पर मिथ्या आरोप लगाता है कि उसने अपराध किया है—