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Section 202 of The Bharatiya Nyaya Sanhita, 2023 in hindi
धारा -202. लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से व्यापार में लगा है - जो कोई, लोक सेवक होते हुए और ऐसे लोक सेवक के नाते इस बात के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए कि वह व्यापार में न लगे, व्यापार में लगता है, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से, या सामुदायिक सेवा से दंडित किया जाएगा ।
201PreviousSection 201 धारा -201. लोक सेवक, जो क्षति कारित करने के आशय से अशुद्ध दस्तावेज रचता है - जो कोई, लोक सेवक होते हुए और ऐसे लोक सेवक के नाते, किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख की रचना या अनुवाद करने का भार वहन करते हुए उस दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख की रचना तैयार या अनुवाद, ऐसे प्रकार से जिसे वह जानता है या विश्वास करता है कि अशुद्ध है, इस आशय से, या सम्भाव्य जानते हुए, करता है कि उसके द्वारा वह किसी व्यक्ति को क्षति कारित करे, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।203NextSection 203 धारा -203. लोक सेवक, जो विधिविरुद्ध रूप से संपत्ति क्रय करता है या उसके लिए बोली लगाता है - जो कोई, लोक सेवक होते हुए और ऐसे लोक सेवक के नाते इस बात के लिए वैध रूप से आबद्ध होते हुए कि वह कतिपय संपत्ति को न तो क्रय करे और न उसके लिए बोली लगाए, या तो अपने नाम में, या किसी दूसरे के नाम में, या दूसरों के साथ संयुक्त रूप से, या अंशों में उस संपत्ति को क्रय करता है, या उसके लिए बोली लगाता है, वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा, और यदि वह संपत्ति क्रय कर ली गई है, तो वह जब्त कर ली जाएगी ।