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Section 6 of The Suppression of Unlawful Acts against Safety of Civil Aviation Act, 1982 in hindi
प्रत्यर्पण के बारे में उपबन्ध
- (1)धारा 3 और धारा 4 के अधीन अपराध प्रत्यर्पणीय अपराधों के रूप में सम्मिलित किए गए और उन सभी प्रत्यर्पण संधियों में उपबन्धित किए गए समझे जाएंगे जो भारत द्वारा कन्वेंशन देशों के साथ की गई हैं और जिनका विस्तार इस अधिनियम के प्रारम्भ की तारीख को भारत पर है और जो भारत पर आबद्धकर हैं ।
- (2)इस अधिनियम के अधीन अपराधों को प्रत्यर्पण अधिनियम, 962 (962 का 64) के लागू किए जाने के प्रयोजनों के लिए ऐसे वायुयान के बारे में, जो किसी कन्वेंशन देश में रजिस्ट्रीकृत है, किसी भी समय, जब वह वायुयान उड़ानरत है, यह समझा जाएगा कि वह उसी देश की अधिकारिता के भीतर है चाहे वह तत्समय किसी अन्य देश की अधिकारिता के भीतर भी हो या न हो ।