ORDER FOR MAINTENANCE OF WIVES, CHILDREN AND PARENTSCentral
Section 128 of The Code of Criminal Procedure, 1973 in hindi
भरणपोषण के आदेश का प्रवर्तन -- यथास्थिति भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण और कार्यवाही के व्ययो के आदेश की प्रति, उस व्यक्ति को, जिसके पक्ष में वह दिया गया है या उसके संरक्षक को, यदि कोई हो, या उस व्यक्ति को, जिसे यथास्थिति भरणपोषण के लिए भत्ता या अन्तरिम भरणपोषण के लिए भत्ता और कार्यवाही के लिए व्यय दिया जाना है निःशुल्क दी जाएगी और ऐसे आदेश का प्रवर्तन किसी ऐसे स्थान में, जहाँ वह व्यक्ति है, जिसके विरुद्ध वह आदेश दिया गया था, किसी मजिस्ट्रेट द्वारा पक्षकारों को पहचान के बारे में और यथास्थिति देय भत्तों या व्ययो के न दिए जाने के बारे में ऐसे मजिस्ट्रेट का समाधान हो जाने पर किया जा सकता है।
127PreviousSection 127 भत्ते में परिवर्तन -- (1) धारा 125 के अधीन भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण के लिए मासिक भत्ता पाने वाले या यथास्थिति, अपनी पत्नी, संतान, पिता या माता को भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण के लिए मासिक भत्ता देने के लिए उसी धारा के अधीन आदिष्ट किसी व्यक्ति की परिस्थितियों में तब्दीली साबित हो जाने पर, मजिस्ट्रेट यथास्थिति, भरणपोषण या अंतरिम भरणपोषण के लिए भत्ते में ऐसा परिवर्तन कर सकता है, जो वह ठीक समझे ।129NextSection 129 सिविल बल के प्रयोग द्वारा जमाव को तितर-बितर करना -- (1) कोई कार्यपालक मजिस्ट्रेट या पुलिस थाने का भारसाधक अधिकारी या ऐसे भारसाधक अधिकारी की अनुपस्थिति में उपनिरीक्षक की पंक्ति से अनिम्न कोई पुलिस अधिकारी किसी विधिविरुद्ध जमाव को, या पांच या अधिक व्यक्तियों के किसी ऐसे जमाव को, जिससे लोकशांति विक्षुब्ध होने की संभावना है, तितर-बितर होने का समादेश दे सकता है और तब ऐसे जमाव के सदस्यों का यह कर्तव्य होगा कि वे तद्नुसार तितर-बितर हो जाएँ।