Section 28 of The Jute Companies (Nationalisation) Act, 1980 in hindi
जो कोई व्यक्ति--
(क) किसी जूट कंपनी के स्वामित्व के अधीन के उपक्रमों की भागरूप किसी सम्पत्ति को, जो उसके कब्जे, अभिरक्षा या नियंत्रण में हैं, केन्द्रीय सरकार या जूट विनिर्मिति निगम से सदोष विधारित करेगा; या
(ख) किसी जूट कंपनी के स्वामित्व के अधीन के उपक्रमों की भागरूप किसी सम्पत्ति का कब्जा सदोष अभिप्राप्त करेगा या उसे सदोष प्रतिधारित करेगा; या (ग) किसी जूट कंपनी के स्वामित्व के अधीन के उपक्रम से संबंधित, यथास्थिति, किसी दस्तावेज या तालिका को, जो उसके कब्जे, अभिरक्षा या नियंत्रण में है, केन्द्रीय सरकार या जूट विनिर्मिति निगम को, या उस सरकार या निगम द्वारा विनिर्दिष्ट किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के निकाय को देने से जानबूझकर विधारित करेगा या उसे देने में असफल रहेगा; या (घ) किसी जूट कंपनी के स्वामित्व के अधीन के उपक्रमों से संबंधित किन्हीं आस्तियों, लेखा-बहियों या रजिस्टरों या अन्य दस्तावेजों को, जो उसके कब्जे, अभिरक्षा या नियंत्रण में हैं, केन्द्रीय सरकार या जूट विनिर्मिति निगम या उस सरकार या ऐसे निगम द्वारा विनिर्दिष्ट किसी व्यक्ति या व्यक्तियों के निकाय को देने में असफल रहेगा; या (ड) किसी जूट कंपनी के स्वामित्व के अधीन के किसी उपक्रम की भागरूप किसी संपत्ति को सदोष हटाएगा या नष्ट करेगा अथवा इस अधिनियम के अधीन ऐसा दावा करेगा जिसके बारे में वह यह जानता है या उसके पास यह विश्वास करने का उचित कारण है कि वह मिथ्या या बिल्कुल गलत है, वह कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा, अथवा दोनों से, दंडनीय होगा ।