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Section 11 of The Jute Companies (Nationalisation) Act, 1980 in hindi
व्यक्तियों का उन व्यक्तियों आदि का लेखा-जोखा देने का कर्तव्य जो उसके कब्जे में हैं
- (1)ऐसा व्यक्ति, जिसके कब्जे या नियंत्रण में, नियत दिन को, किसी जूट कंपनी के स्वामित्वाधीन उपक्रम से संबंधित कोई आस््तियां, बहियां, दस्तावेजें या अन्य कागज-पत्र हैं, जो इस अधिनियम के अधीन केन्द्रीय सरकार या जूट विनिर्मिति निगम में निहित हो गए हैं, उक्त आस्तियों, बहियों, दस्तावेजों और अन्य कागज-पत्रों का लेखा-जोखा केन्द्रीय सरकार को या जूट विनिर्मिति निगम को देने के लिए दायी होगा और वह उनका परिदान केन्द्रीय सरकार या जूट विनिर्मिति निगम को या ऐसे व्यक्ति या व्यक्तियों को करेगा जिसे या जिन्हें केन्द्रीय सरकार या. जूट विनिर्मिति निगम इस निमित्त विनिर्दिष्ट करे ।
- (2)केन्द्रीय सरकार या जूट विनिर्मिति निगम उन जूट कंपनियों के उपक्रमों का, जो इस अधिनियम के अधीन केन्द्रीय सरकार में या जूट विनिर्मिति निगम में निहित हो गए हैं कब्जा लेने के लिए सब आवश्यक कदम उठा सकेगी या उठा सकेगा अथवा उठवा सकेगी या उठवा सकेगा ।
- (3)प्रत्येक जूट कंपनी, केन्द्रीय सरकार को अपनी उन सभी सम्पत्तियों और आस्तियों की जो नियत दिन को उसके उन उपक्रमों की हैं जो धारा 3 के अधीन केन्द्रीय सरकार में निहित हो गए हैं, पूर्ण सूची ऐसी अवधि के भीतर देगी जो केन्द्रीय सरकार इस निमित्त अनुज्ञात करे और इस प्रयोजन के लिए केन्द्रीय सरकार या जूट विनिर्मिति निगम उस कंपनी को सभी युक्तियुक्त सुविधाएं देगी या देगा । अध्याय 5 जूट कंपनियों के कर्मचारियों के बारे में उपबन्ध