Section 2 of The Haryana and Uttar Pradesh (Alteration of Boundaries) Act, 1979 in hindi
इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) “नियत दिन” से वह दिन अभिप्रेत है जो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे;
(ख) “सभा निर्वाचन-क्षेत्र”, “परिषद् निर्वाचन-क्षेत्र” और “संसदीय निर्वाचन-क्षेत्र” के वही अर्थ हैं जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 950 (950 का 43) में उनके हैं;
(ग) “नियत सीमा” से धारा 3 के उपबंधों के अधीन सीमांकित सीमाएं अभिप्रेत हैं;
(घ) “विधि” के अन्तर्गत कोई ऐसी अधिनियमिति, अध्यादेश, विनियम, आदेश, उपविधि, नियम, स्कीम, अधिसूचना या अन्य लिखत भी है जो सम्पूर्ण हरियाणा या उत्तर प्रदेश राज्य में या उसके किसी भाग में विधि का बल रखती है;
(ड) “अधिसूचित आदेश” से राजपत्र में प्रकाशित आदेश अभिप्रेत है;
(च) “विहित” से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा अभिप्रेत है;
(छ) “वर्तमान गहरी धारा रेखा” से यमुना नदी की वह गहरी धारा रेखा अभिप्रेत है जिसका 974 के नवम्बर, 974 के दिसम्बर, 975 की जनवरी और 975 की फरवरी मास के दौरान भारतीय सर्वेक्षण द्वारा सत्यापन और अवधारण किया गया है ;
(ज) संसद् के या किसी राज्य विधान-मंडल के किसी सदन के सम्बन्ध में “आसीन सदस्य” से वह व्यक्ति अभिप्रेत है जो नियत दिन के ठीक पूर्व उस सदन का सदस्य है;
(झ) “अन्तरित राज्यक्षेत्र” से,--
(क) हरियाणा राज्य के सम्बन्ध में वे राज्यक्षेत्र अभिप्रेत हैं जो इस अधिनियम द्वारा उस राज्य से उत्तर प्रदेश राज्य को अन्तरित किए गए हैं, और
(ख) उत्तर प्रदेश राज्य के सम्बन्ध में वे राज्यक्षेत्र अभिप्रेत हैं जो इस अधिनियम द्वारा उस राज्य से हरियाणा राज्य को अन्तरित किए गए हैं;
(अ) किसी राज्य के किसी जिले के प्रति किसी निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उस क्षेत्र के प्रति निर्देश है जो नियत दिन के ठीक पूर्व उस जिले में भैतिक रूप से समाविष्ट हो ।
भाग 2 सीमाओं का परिवर्तन