Section 5 of The Uttar Pradesh Public Service (Reservation for Economically Weaker Sections) Act, 2020 — शास्ति
Bare section text
5-(1) कोई नियुक्ति प्राधिकारी या अधिकारी या कर्मचारी, जिसे धारा 4 की उपधारा (1) के अधीन उत्तरदायित्व सौंपा गया हो, जो इस अधिनियम के प्रयोजन का जानबूझकर उल्लंघन करने या उसे विफल करने के आशय से कार्य करता हो, दोषसिद्ध होने पर, ऐसे कारावास से जो तीन माह तक हो सकता है, या ऐसे जुर्माने से जो एक हजार रुपये तक हो सकता है, या दोनों से दण्डनीय होगा। (2) कोई न्यायालय, इस धारा के अधीन राज्य सरकार या राज्य सरकार द्वारा किसी आदेश से इस निमित्त प्राधिकृत किसी अधिकारी के पूर्व अनुमोदन के बिना किसी अपराध का संज्ञान नहीं लेगा। (3) उपधारा (1) के अधीन दण्डनीय किसी अपराध का विचारण, किसी महानगर मजिस्ट्रेट या प्रथम श्रेणी के किसी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा संक्षेपतः किया जायेगा और दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 262 की उपधारा (1), धारा 263, धारा 264 और धारा 265 के उपबन्ध, यथावश्यक परिवर्तन सहित लागू होंगे।