Section 5 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — अग्निशमन तथा आपात सेवा का गठन और वर्गीकरण
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(1) इस अधिनियम के उपबंधों के अध्यधीन राज्य अग्निशमन तथा आपात सेवा में विभिन्न रैंकों के उतनी संख्या में कर्मचारिवृंद होंगे और उसमें ऐसे संगठन होंगे तथा उसकी ऐसी शक्तियां, कृत्य तथा कर्तव्य होंगे, जैसा कि राज्य सरकार सामान्य या विशेष आदेश द्वारा अवधारित करे। (2) राज्य सरकार नियमावली में निम्नलिखित को विहित कर सकती है:- (एक) राज्य अग्निशमन तथा आपात सेवा के भिन्न-भिन्न पद; (दो) कर्मचारिवृंद की भर्ती की रीति, पद का ग्रेड, अर्हता, वेतन, भत्ते और उक्त सेवा में विनियोजित अधिकारियों और अन्य कर्मचारिवृंद की अन्य सेवा शर्तें। (3) राज्य सरकार सरकारी गजट में अधिसूचना द्वारा राज्य में विद्यमान अग्निशमन तथा आपात सेवा की पद्धति की समीक्षा कर सकती है और यदि वह उचित समझे तो उसे उपान्तरित कर सकती हैः परन्तु यह कि स्थानीय अग्निशमन तथा आपात सेवा हेतु इस उपधारा के अधीन निर्मित नियमावली में कर्मचारिवृंद की भर्ती की रीति, वेतन, भत्ते तथा तत्सम्बन्धी मामले सम्मिलित नही होंगे। (4) इस अधिनियम द्वारा या तद्धीन अन्यथा उपबंधित के सिवाय इस अधिनियम के प्रारम्भ होने के ठीक पूर्व के दिनांक को किसी प्राधिकरण के विद्यमान अग्निशमन दल या अग्निशमन तथा आपात सेवाओं के अग्निशमन अधिकारी या कर्मचारिवृंद या कर्मचारी (जिस भी पदनाम से पुकारा जाय) के रूप में पद धारण करने वाला प्रत्येक व्यक्ति उन्हीं निबन्धन और शर्तों पर पद धारण करता रहेगा जैसा कि उसके लिए ऐसे दिनांक के ठीक पूर्व प्रयोज्य थे और वह पूर्व की भांति तथा इस अधिनियम द्वारा या तद्धीन उन्हें प्रदत्त शक्तियों तथा कर्तव्यों के अतिरिक्त शक्तियों का प्रयोग करेगा और कर्तव्यों का निष्पादन करेगा।