Section 41 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — अपराधों का प्रशमन किया जाना
Bare section text
41- (1) इस अधिनियम के प्रारंभ होने के पूर्व या पश्चात् कृत किसी अपराध, जो इस अधिनियम की धारा 36, 37, 38, 39, या तद्धीन बनायी गई किसी नियमावली के अधीन दंडनीय हो, का प्रशमन, अभियोजन संस्थित किए जाने के पूर्व या पश्चात् अग्निशमन तथा आपात सेवा के अधिकारियों द्वारा ऐसी धनराशि के स्थान पर जैसा कि राज्य सरकार इस निमित्त सरकारी गजट में अधिसूचना द्वारा विनिर्दिष्ट करे, किया जा सकता है : परंतु यह कि ऐसा कोई अपराध प्रशमनीय नहीं होगा, जो राज्य सरकार या इस अधिनियम के अधीन प्राधिकृत किसी अधिकारी द्वारा या उसकी ओर से जारी नोटिस, आदेश या अध्यपेक्षा का अनुपालन करने में विफल रहने के कारण किया गया हो और जब तक उसका अनुपालन न किया गया हो, जहां तक अनुपालन संभव हो । (2) जहाँ उपधारा (1) के अधीन किसी अपराध का प्रशमन किया गया हो वहां यदि अपराधी अभिरक्षा में हो तो उसे निर्मुक्त कर दिया जाएगा और उसके विरुद्ध ऐसे अपराध के संबंध में कोई अग्रतर कार्यवाहियां नहीं की जायेंगी ।