Section 40 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — कंपनियों द्वारा अपराध
Bare section text
40-(1) जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया हो, वहां ऐसा प्रत्येक व्यक्ति जो अपराध किए जाने के समय कंपनी के कारबार के संचालन के लिए कंपनी का प्रभारी रहा हो या उसके प्रति उत्तरदायी रहा हो, साथ ही साथ कंपनी भी, अपराध के दोषी माने जाएंगे और प्रतिकूल कार्यवाही किए जाने तथा तद्नुसार दंडित किए जाने के दायी होंगे : परंतु यह कि इस उपधारा में अन्तर्विष्ट किसी बात से ऐसा कोई व्यक्ति किसी दंड के लिए दायी नहीं होगा यदि वह यह साबित कर देता है कि उक्त अपराध बिना उसकी जानकारी के किया गया था या यह कि उसने ऐसा अपराध किए जाने से रोकने के लिए समस्त सम्यक् परिश्रम किया था । (2) उपधारा (1) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी जहां इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया हो और यह साबित हो जाता है कि उक्त अपराध कंपनी के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मिलीभगत से किया गया है या वह उसकी ओर से कृत किसी उपेक्षा के फलस्वरूप किया गया माना जा सकता है, वहां ऐसा निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी भी उस अपराध का दोषी माना जाएगा और वह प्रतिकूल कार्यवाही किए जाने और तद्नुसार दंडित किए जाने का दायी होगा ; स्पष्टीकरण: -इस धारा के प्रयोजनों के लिए,- (एक) 'कंपनी' का तात्पर्य किसी निगमित निकाय से है और उसमें कोई फर्म या अन्य व्यक्ति संगम सम्मिलित है; और (दो) किसी फर्म के संबंध में 'निदेशक' का तात्पर्य फर्म के किसी भागीदार से है ।