Section 33 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — अग्निसुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति न किये जाने की स्थिति में शास्ति
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33-(1) यदि किसी भवन या परिसर का कोई स्वामी या अध्यासी या ऐसे स्वामियों और अध्यासियों का संघ, धारा 28 के अधीन अग्निसुरक्षा अधिकारियों की इस निमित्त यथास्थिति निदेशक ,अग्निशमन तथा आपात सेवा या अग्निशमन अधिकारी द्वारा प्रदत्त नोटिस प्राप्त किये जाने के तीस दिनों के भीतर नियुक्ति करने में विफल रहता है ,तो उनमें से प्रत्येक व्यक्ति को संयुक्त रुप से और पृथक-पृथक दोषी माना जायेगा | (2) जब ऐसे अग्निसुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति के लिए उत्तरदायी व्यक्ति को दोषी माना जाए तब निदेशक ,अग्निशमन तथा आपात सेवा द्वारा यथा अवधारित परिसर स्थित सामान्य क्षेत्रों सहित उसके द्वारा स्वामित्व प्राप्त/अध्यासन प्राप्त कुल निर्मित क्षेत्र के अन्यून दस रुपये प्रति वर्ग मीटर और अनधिक पचास रुपये प्रति वर्ग मीटर की धनराशि ,उसमें प्रत्येक माह की त्रुटि या उसके आंशिक भाग के लिए शास्ति कै माध्यम से वसूल की जायेगी | (3) उपधारा (2) के अधीन जुर्माना स्वरुप धनराशि की वसूली भू-राजस्व के बकाया के रुप में की जाएगी ।