Section 32 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — कर्तव्य उल्लंघन के लिए शास्ति
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32- ऐसी किसी कार्यवाही ,जो इस अधिनियम के उपबंधों के अधीन की जा सकती है ,के होते हुए भी ,अग्निशमन तथा आपात सेवा का कोई सदस्य ,जो,- (एक) कर्तव्य के किसी उल्लंघन या इस अधिनियम या तद्धीन बनाये गये किसी नियम या आदेश के किसी उपबंध का जानबूझ कर उल्लंघन करने का दोषी पाया जायेगा ;या (दो) कायरता का दोषी पाया जायेगा ;या (तीन) पन्द्रह दिनों या उससे अधिक के लिए अनुज्ञा या पूर्व सूचना दिए बिना अपने कार्यालय के कर्तव्यों से प्रत्याहत रहेगा या प्रविरत रहेगा ;या (चार) अवकाश पर अनुपस्थित होने के कारण युक्तियुक्त कारण के बिना उक्त अवकाश की समाप्ति पर स्वयं ड्युटी हेतु रिपोर्ट करने में विफल रहेगा ;या (पाँच) कोई अन्य नियोजन या पद ग्रहण करेगा या उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली ,1956के उपबंधों का उल्लंघन कर कारोबार में स्वयं को अभिनियोजित करेगा ; ऐसे कारावास ,जो छह माह तक हो सकता है या जुर्माना ,जो तीन माह के वेतन से अनधिक धनराशि तक हो सकता है या दोनों से दण्डनीय होगा।