Section 27 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — अग्निसुरक्षा प्रमाण-पत्र जारी किया जाना
Bare section text
27-(1) अग्निशमन अधिकारी को यथास्थिति स्वामियों या अध्यासियों या आवेदकों द्वारा स्वतन्त्र रुप से या संयुक्त रुप से कृत धारा 26 की अपेक्षाओं के संबंध में अनुपालनों की संवीक्षा करनी होगी और आवश्यक जाँच, यदि कोई हो, करने के पश्चात् इस शर्त के अध्यधीन आवेदन करने के एक माह् के भीतर अग्निसुरक्षा प्रमाण-पत्र जारी करना होगा कि समस्त आवश्यक दस्तावेज, अभिकल्प, मानचित्र तथा पूर्णता प्रमाण-पत्र आदि स्वामी, अध्यासी या आवेदक द्वारा प्रस्तुत किये जायेंगे । (2) यदि यथास्थिति. स्वामी या अध्यासी ,अग्निशमन अधिकारी द्वारा जारी निदेशों का अनुपालन करने में विफल हो जाता है तो इस अधिनियम की धारा 26 के अधीन जारी अग्निसुरक्षा प्रमाण-पत्र ,स्वामी या अध्यासी को कारण बताओ की सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् रद्द कर दिया जाएगा । (3) · भवन या परिसर का स्वामी यां अध्यासी ,जिसका अग्निसुरक्षा प्रमाण-पत्र उसकी ओर से कृत त्रुटि के कारण रद्द कर दिया गया हो ,इस अधिनियम की धारा 26 के अधीन अग्नि रोकथाम और जीवन सुरक्षा उपायों का अनुपालन न किये जाने के आधार पर भवन या परिसर में अध्मासित होने का हकदार नहीं होगा । (4) कोई व्यक्ति ऐसे किसी भवन या उसके आंशिक भाग में स्थापित किसी अग्नि रोकथाम तथा सुरक्षा उपकरण से छेड़ छाड़ नहीं करेगा ,उसमें परिवर्तन नहीं करेगा ,उसे नहीं हटाएगा या उसे क्षतिग्रस्त नहीं करेगा या उसका नुकसान नहीं करेगा अथवा किसी अन्य व्यक्ति को ऐसा करने हेतु दुष्प्रेरित नहीं करेगा ।