Section 26 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — अग्नि रोकथाम और जीवन सुरक्षा उपायों का उपबंध करने का स्वामी या अध्यासियों का उत्तरदायित्व
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26-(1) भारतीय राष्ट्रीय भवन संहिता पृथक-पृथक वास्तविक प्राधिकरणों की उपविधियों, किसी अन्य विधि या उपविधि के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना विनियमावली द्वारा वर्गीकृत भवन या उसके आंशिक भाग के स्वामी या अध्यासी,जो वैयक्तिक या संयुक्त रूप से उत्तरदायी हों, को उसमें अग्नि रोकथाम और जीवन सुरक्षा के उपायों का उपबंध करना होगा : परन्तु यह कि यथास्थिति स्वामी या अध्यासी.को,- (एक) उपविधियों में यथा उपबंधित न्यूनतम अग्नि बुझाने और जीवन सुरक्षा प्रतिष्ठापनों का उपबंध करना होगा; (दो) अग्नि रोकथाम तथा जीवन सुरक्षा उपायों को उपविधियों में विनिर्दिष्ट रीति और विशिष्टताओं के अनुसार सदैव सक्रिय स्थिति में अनुरक्षित रखना होगा। (2) तत्समय प्रवृत्त किसी विधि में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी अध्यासन प्रमाण-पत्र जारी करने हेतु सशक्त कोई प्राधिकारी उक्त प्रमाण-पत्र तब तक जारी नहीं करेगा, जब तक उसका यह समाधान नहीं हो जाता है कि स्वामी या अध्यासी ने वैयक्तिक रूप से या संयुक्त रूप से इस धारा की उपधारा (1) में दिये गए उपबंध का अनुपालन कर लिया है। (3) लागू विद्यमान भवन उप विधियों और राज्य द्वारा उपविधियों के प्रवर्तन पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना निम्नलिखित भवनों को अग्निशमन तथा आपात सेवा से "अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र "प्राप्त करना होगा,- (एक) 15 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले बहुमंजिले भवन; (दो) राष्ट्रीय भवन संहिता, 2016 में यथा परिभाषित विशेष भवन यथा शैक्षिक, संस्थागत सभागार, व्यावसायिक, व्यापारिक, औद्योगिक, भंडारण संबंधी तथा खतरनाक भवन,- (तीन) 500 वर्ग मीटर से अधिक आच्छादित क्षेत्रफल वाले पूर्वोक्त किसी अध्यासन के साथ मिश्रित अध्यासन | (4)उपधारा (3) के अधीन भवन स्वामियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि ऐसे बहुमंजिले या विशिष्ट भवनों में विहित नियमावली के अनुसार अग्नि रोकथाम या उसे बुझाने हेतु अग्नि रोकथाम ,अग्निशमन तथा जीवन सुरक्षा एवं अग्नि सुरक्षा तंत्र लगाया जाय ; (5)यथास्थित स्वामी या अध्यासी को अग्निशमन अधिकारी का इस अधिनियम के उपबंधों द्वारा तद्धीन यथा अपेक्षित अपने भवन या उसके आंशिक भाग में अग्निरोकथाम ,अग्निशमन तथा जीवन सुरक्षा उपायों के अनुपालन के संबंध में किसी अर्ह अभिकरण द्वारा जारी विहित प्रपत्र में एक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा और इस धारा की उपधारा (1)में यथा विनिर्दिष्ट अच्छे मरम्मत युक्त तथा पर्याप्त स्थिति में अग्निरोकथाम तंत्र के अनुरक्षण के सम्बन्ध में वर्ष में दो बार जनवरी और जुलाई माह में विहित प्रपत्र में अग्निशमन अधिकारी को भी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा । (6) भारतीय राष्ट्रीय भवन संहिता या इस अधिनियम के अधीन बनायी गयी नियमावली में यथा विनिर्दिष्ट अर्ह अभिकर्ताओं से भिन्न व्यक्ति ,अग्निरोकथाम तथा जीवन सुरक्षा उपायों का उपबंध करने का कार्य नहीं करेगा अथवा किसी स्थान या भवन या उसके आंशिक भाग में करने हेतु अपेक्षित ऐसे अन्य सम्बन्धित क्रियाकलापों का निष्पादन नहीं करेगा ।