Section 25 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — अग्नि लगने के सम्भावित खतरा वाले या अग्नि बुझाने में व्यवधान उत्पन्न करने वाले अतिक्रमणों या वस्तुओं या सामानों का हटाया जाना
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25-(1) जहाँ धारा 23 तथा धारा 24 के अधीन कोई अधिसूचना जारी की गई हो वहाँ निदेशक, अग्निशमन तथा आपात सेवा के लिये यह विधिमान्य होगा कि वह अतिक्रमणों या अग्नि लगने की सम्भावित खतरा वाली वस्तुओं या अग्नि बुझाने में किसी प्रकार के व्यवधान को किसी सुरक्षित स्थान पर हटाने के लिये निदेश दे और यथास्थिति स्वामी, अध्यासी या परिनिर्माणकर्ता को ऐसा करने में विफल होने पर निदेशक या अग्निशमन अधिकारी ,यथास्थिति स्वामी, अध्यासी या परिनिर्माणकर्ता को प्रत्यावेदन करने का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात् उक्त मामले का न्याय निर्णयन करने का अनुरोध करते हुए उक्त मामले की रिपोर्ट उस उप जिला मजिस्ट्रेट को दे सकता है जिसकी क्षेत्रीय अधिकारिता में परिसर या भवन या पंडाल स्थित होः परन्तु यह कि जहाँ निदेशक ,अग्निशमन तथा आपात सेवा ऐसे अतिक्रमणों या वस्तुओं या सामानों को अग्नि लगने का आसन्न खतरा या अग्नि बुझाने हेतु व्यवधान मानता हो वहाँ वह ऐसे परिसर या भवन के स्वामी या अध्यासी या परिनिर्माणकर्ता को अतिक्रमण या वस्तुओं या सामानों को तत्काल हटाने के लिये निदेश दे सकता है और तदनुसार उक्त मामले की रिपोर्ट उप जिला मजिस्ट्रेट को दे सकता है । (2) उपधारा (1) के अधीन रिपोर्ट प्राप्त किये जाने पर उप जिला मजिस्ट्रेट ऐसी रीति, जैसा कि वह उचित समझे, से तामील की गयी नोटिस के माध्यम से अतिक्रमण या अग्नि लगने की सम्भावित खतरा वाली वस्तुओं या सामानों या अग्नि बुझाने में व्यवधान को हटाये जाने के विरुद्ध कारण बताने का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करेगा । (3) उपधारा (2) के अधीन यथास्थिति स्वामी या अध्यासी या परिनिर्माणकर्ता को प्रत्यावेदन करने का युक्तियुक्त अवसर प्रदान करने के पश्चात् उप जिला मजिस्ट्रेट विहित नियमावली के अनुसार ऐसे अतिक्रमणों या वस्तुओं या सामानों को जब्त करने, निरूद्ध करने या हटाने का आदेश दे सकता है । (4) उपधारा (3) में कृत आदेश के निष्पादन हेतु प्रभारित व्यक्ति तत्काल उन वस्तुओं तथा सामानों की सूची उसी समय तैयार करेगा जिन्हें वह ऐसे आदेश से जब्त करेगा और जब्ती के समय उक्त वस्तुओं के कब्जाधीन व्यक्ति को इस निमित्त विहित रीति से एक लिखित नोटिस देगा कि उसमें उल्लिखित उक्त वस्तुओं या सामानों का विक्रय कर दिया जायेगा, यदि उन वस्तुओं का दावा उक्त नोटिस में नियत अवधि के भीतर नहीं किया जाता है । (5) उपधारा (4) के अधीन दी गयी नोटिस के अनुसरण में जब्त की गयी वस्तुओं का दावा करने में ऐसे व्यक्ति, जिसके कब्जाधीन उक्त वस्तुएं व सामान कब्जा के समय थे ,के विफल होने पर उप जिला मजिस्ट्रेट तदनुसार सार्वजनिक नीलामी द्वारा उन वस्तुओं को बिक्रीत कर देगा ।