Section 24 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — पंडालों में अग्नि रोकथाम और जीवन सुरक्षा उपायों का स्व विनियामक होना
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24- (1) इस अधिनियम में अन्तर्विष्ट किसी बात के होतें हुए भी धारा 23 के अधीन विहित अग्नि रोकथाम तथा जीवन सुरक्षा उपाय करने हेतु पण्डाल परिनिर्मित किया जाना स्व विनियामक समझा जायेगा । (2) पंडाल परिनिर्माणकर्ता को पंडाल के प्रमुख स्थान पर विहित प्रपत्र में और अपने हस्ताक्षर से इस आशय की घोषणा प्रदर्शित करनी होगी कि उसने उसमें राज्य सरकार द्वारा यथा अधिसूचित समस्त विहित अग्नि रोकथाम तथा अग्नि सुरक्षा उपायों को ग्रहण किया है । (3) निदेशक, अग्निशमन तथा आपात सेवा के लिए यह विधिसम्मत होगा कि वह उपधारा )2) के अधीन परिनिर्माणकर्ता द्वारा कृत घोषणा की सत्यता को सत्यापित करने और विनिर्दिष्ट समय के भीतर त्रुटियों को दूर करने के निदेश के साथ त्रुटियाँ, यदि कोई हों, इंगित करने की दृष्टि से पण्डाल में प्रवेश करे और निरीक्षण करे। यदि इस प्रकार दिये गये समय के भीतर निरीक्षणकर्ता अधिकारी के निदेशों का अनुपालन नही किया जाता है तो निरीक्षणकर्ता अधिकारी उक्त पण्डाल को सीलबंद कर देगा । (4) किसी पण्डाल परिनिर्माणकर्ता, जो यह मिथ्या घोषणा करता है कि उसने पण्डाल में विहित अग्नि रोकथाम तथा अग्नि सुरक्षा उपायों का अनुपालन किया है, को इस अधिनियम की धारा 39 के अधीन दंडनीय अपराध किया हुआ समझा जायेगा।