Section 15F of The Securities and Exchange Board of India Act, 1992 in hindi
यदि कोई व्यक्ति, जो इस अधिनियम के अधीन स्टाक दलाल के रूप में रजिस्ट्रीकृत है,
(क) उस प्ररूप में और उस रीति से जो उस स्टाक एक्सचेंज द्वारा विनिर्दिष्ट की जाए जिसका वह सदस्य है, संविदा नोट जारी करने में असफल रहेगा तो वह “[ऐसी शास्ति का, [जो एक लाख रुपए से कम की नहीं होगी, किंतु जो एक करोड़ रुपए तक की हो सकेगी,] जिसके लिए उक्त दलाल द्वारा संविदा नोट जारी किया जाना अपेक्षित था, दायी होगा ;
(ख) किसी प्रतिभूति का परिदान करने में असफल रहेगा अथवा विनिधानकर्ता को शोध्य रकम का विनियमों में विनिर्दिष्ट रीति से या अवधि के भीतर संदाय करने में असफल रहेगा वहां वह [ऐसी शास्ति का, जो एक लाख रुपए से कम की नहीं होगी, किंतु जो ऐसे प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान श[ऐसी असफलता जारी रहती है] एक करोड़ रुपए की अधिकतम शास्ति के अधीन रहते हुए एक लाख रुपए तक की हो सकेगी, दायी होगा] ;
(ग) दलाली की ऐसी रकम प्रभारित करेगा जो विनियमों में विनिर्दिष्ट दलाली से अधिक है वहां वह श[शास्ति के लिए, जो एक लाख रुपए से कम की नहीं होगी, किंतु जो विनिर्दिष्ट दलाली के अधिक्य में प्रभारित दलाली की रकम के पांच गुने तक की हो सकेगी,] इनमें से जो भी अधिक हो, दायी होगा ।