Section 3 of The Uttar Pradesh Public Service (Reservation for Economically Weaker Sections) Act, 2020 — आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पक्ष में आरक्षण
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3-(1) लोक सेवाओं और पदों में सीधी भर्ती के प्रक्रम पर भर्ती की जाने वाली दस प्रतिशत रिक्तियाँ, नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के व्यक्तियों के पक्ष में आरक्षित की जायेंगी: परन्तु इस अधिनियम की अनुसूची में विनिर्दिष्ट नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की श्रेणी हेतु लागू नही होगा: परन्तु यह और कि इस अधिनियम के अधीन उत्तर प्रदेश राज्य के बाहर के अभ्यर्थी, आरक्षण की प्रसुविधाओं के लिए पात्र नहीं होंगे। (2) इस धारा के अधीन आरक्षण, उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 के अधीन उपबंधित आरक्षण के अतिरिक्त होगा। (3) कार्मिक अनुभाग-2 की संख्या-1/2019/4/1/2002/का-2/19टी0सी0-II, दिनांक 18 फरवरी, 2019 द्वारा जारी कार्यालय ज्ञाप, इस धारा के अधीन जारी किया गया समझा जायेगा। (4) राज्य सरकार द्वारा उपधारा (1) के अधीन आरक्षण को लागू करने के लिए अधिसूचना कार्यालय ज्ञाप संख्या 5/2019/4/1/2002/का-2/2019टी0सी0, दिनांक 13 अगस्त, 2019 द्वारा एक रोस्टर जारी किया है जो अनवरत् रूप से तब तक लागू रहेगा, जब तक कि उसे समाप्त न कर दिया जाय। (5) यदि नागरिकों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों का कोई व्यक्ति, योग्यता के आधार पर किसी खुली प्रतियोगिता में अनारक्षित अभ्यर्थियों के साथ चयनित किया जाता है तो उसे उपधारा (1) के अधीन ऐसी श्रेणी के लिए आरक्षित रिक्तियों के सापेक्ष समायोजित नहीं किया जायेगा। (6) जहाँ किसी विशिष्ट भर्ती वर्ष में उपधारा (1) के अधीन आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए कोई निश्चित की गयी रिक्ति, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के किसी उपयुक्त अभ्यर्थी की अनुपलब्धता के कारण न भरी जा सके, वहाँ ऐसी रिक्तियाँ, आगामी भर्ती वर्ष के लिये बैकलाग के रूप में अग्रेनीत नहीं की जायेंगी और उक्त रिक्ति अनारक्षित श्रेणी के पात्र अभ्यर्थियों से भर ली जायेंगी।