Section 8 of The Uttar Pradesh Krishi Utpadan Mandi (Sanshodhan) Adhiniyam, 2018 — धारा 13 का संशोधन
Bare section text
मूल अधिनियम की धारा 13 के स्थान पर निम्नलिखित धारा रख दी जायेगी, अर्थात्:- "13(1) धारा 12 में निर्दिष्ट समिति में निम्नलिखित सदस्य होंगे, जिन्हें राज्य सरकार द्वारा ऐसी रीति से नाम-निर्दिष्ट किया जायेगा, जैसी विहित की जाय:- (क) मण्डी क्षेत्र के उत्पादकों के नौ प्रतिनिधि; (ख) मण्डी क्षेत्र में कारोबार करने वाले और तद्निमित्त इस अधिनियम के अधीन लाइसेन्स धारण करने वाले व्यापारियों के दो प्रतिनिधि; (ग) मण्डी क्षेत्र में कारोबार करने वाले और तद्निमित्त इस अधिनियम के अधीन लाइसेन्स धारण करने वाले आढ़तियों के दो प्रतिनिधि; (घ) मण्डी क्षेत्र में कारोबार करने वाले और तद्निमित्त इस अधिनियम के अधीन लाइसेन्स धारण करने वाले पल्लेदार और मापक के दो प्रतिनिधि; (ड) मण्डी समिति का सचिव, जो सदस्य सचिव होगा। (2) उपधारा (1) के खण्ड(क) में निर्दिष्ट सदस्य, जिन्होनें मण्डी स्थलों में अधिसूचित कृषि उत्पाद का विक्रय किया हो और प्रपत्र 6 में विगत 3 वर्षों से ऐसे विक्रय बाउचर समिति से प्राप्त किया हो, जिनका मूल्य संचयी रूप से अधिकतम हो, नाम निर्देशन के लिए अर्ह होंगे: प्रतिबन्ध यह है कि नौ उत्पादक सदस्यों में से तीन सदस्य सीमांत कृषकों से, तीन सदस्य लघु कृषकों से और तीन सदस्य बड़े कृषकों से होंगे। (3) प्रत्येक मण्डी समिति में एक सभापति और एक उप सभापति होगा, जो उपधारा (1) के खण्डों (क से घ) में निर्दिष्ट सदस्यों द्वारा ऐसी रीति से निर्वाचित किये जाएंगे, जैसा कि विहित किया जाय: प्रतिबन्ध यह है कि सभापति और उप सभापति, उपधारा (1) के खण्ड (क) में निर्दिष्ट सदस्य होंगे। (4) (क) उपधारा (1) के अधीन गठित समिति का कार्यकाल, समिति के गठन के प्रकाशन के दिनांक से तीन वर्ष होगा, यदि राज्य सरकार द्वारा पूर्व में समाप्त न कर दिया जाये। (ख) सभापति, उप सभापति और सदस्यों का कार्यकाल समिति के कार्यकाल का सहविस्तारी होगा। (5) उपधारा (1) के अधीन नाम-निर्दिष्ट प्रत्येक सदस्य का नाम, उसके नाम-निर्देशन के 21 दिन के भीतर निदेशक को रजिस्ट्रीकृत किया जायेगा। (6) समिति द्वारा या उसकी ओर से कृत किसी कार्यवाही या कार्य पर इस आधार पर कि समिति के सभापति, उप सभापति या सदस्य के रूप में किसी व्यक्ति के नाम-निर्देशन में किसी अर्हता के अभाव या किसी त्रुटि के आधार पर या समिति में किसी रिक्ति या उसके गठन में किसी अन्य त्रुटि के आधार पर प्रश्नचिन्ह नहीं लगाया जायेगा।"