Section 7 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — महानिदेशक, अग्निशमन तथा आपात सेवा की शक्ति, कर्तव्य तथा कृत्य
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7-(1) महानिदेशक, अग्निशमन तथा आपात सेवा राज्य सरकार के अधीक्षण तथा नियंत्रण के अध्यधीन अग्निसुरक्षा तथा उसकी रोकथाम, अग्निशमन उपस्करों, मशीनरी तथा उपकरणों, प्रशिक्षण, व्यक्ति पर्यवेक्षण, पारस्परिक सम्बन्धों की घटनाओं, कर्त्तव्य आवंटन, विधि अध्ययन, आदेशों तथा कार्यवाहियों की रीतियों से संबंधित समस्त मामलों और सुसंगत राज्य नियमावली के अनुसार अपने अधीन अग्निशमन तथा आपात सेवा के अग्निशमन अधिकारियों तथा कर्मचारियों के कर्तव्यों को पूरा किये जाने तथा उनके मध्य अनुशासन बनाये रखने के कार्यकारी विवरण के समस्त मामलों के लिये निदेश देगा और उनका विनियमन करेगा । (2) धारा 6 की उपधारा (4) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना महानिदेशक, अग्निशमन तथा आपात सेवा,- (एक) कार्यालय महानिदेशक, अग्निशमन तथा आपात सेवा में विभागाध्यक्ष के रूप में कार्य करेगा ; (दो) अग्निशमन तथा आपात सेवा के विकास हेतु राज्य सरकार से सम्पर्क स्थापित करेगा; (तीन) राज्य में अग्निशमन तथा आपात सेवा के विकास के सम्बन्ध में नीतियां निर्मित करेगा और राज्य सरकार द्वारा अनुमोदन किये जाने पर उन्हें क्रियान्वित करने हेतु कदम उठायेगा ; (चार) प्राधिकारियों द्वारा अग्निशमन तथा आपात सेवा के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उपस्कर, अग्निशमन सम्पत्ति और अग्निशमन मानव शक्ति की समय-समय पर समीक्षा के सम्बन्ध में योजनाएं और प्रस्ताव तैयार करेगा और उन्हे राज्य सरकार को प्रस्तुत करेगा ; (पाँच) प्रचण्ड अग्निकाण्ड, गृह ध्वंस और अन्य आपात सेवाओं के मामलों में प्रभावी कदम उठायेगा या उठवाएगा और उपाय करेगा तथा करवायेगा ; (छः) अग्नि के कारण का अन्वेषण करेगा या अन्वेषण करायेगा और अग्निशमन सम्बन्धी सावधानी के उपायों को क्रियान्वित करने हेतु प्राधिकारियों को परामर्श देगा ; (सात) अग्निशमन सेवा कर्मी के प्रत्येक स्तर पर विहित कार्यों के अनुसार प्रभावी मानव संसाधन विकास नीतियों को क्रियान्वित करेगा और उक्त प्रयोजनार्थ वह उन्नत प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित कर सकता है ; (आठ) राज्य में अग्निशमन तथा आपात सेवा के मानक का अद्यतनकरण करने की दृष्टि से राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व करेगा; (नौ) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग करेगा और ऐसे अन्य कर्त्तव्यों तथा कृत्यों का निर्वहन करेगा, जैसा कि उसे इस अधिनियम के उपबंधों द्वारा या तद्धीन प्रदत्त, अधिरोपित या आवंटित किया जाय ।