Section 3 of The Uttar Pradesh Fire and Emergency Services Act, 2022 — सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश राज्य के लिए एक अग्निशमन तथा आपात सेवा की स्थापना
Bare section text
(1) सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश राज्य के लिए एक अग्निशमन तथा आपात सेवा होगी और अग्निशमन तथा आपात सेवा के समस्त अधिकारी और अधीनस्थ रैंक के कार्मिक, अग्निशमन तथा आपात सेवा की किसी शाखा में तैनात किये जाने योग्य होंगेः परन्तु यह कि राज्य सरकार, सरकारी गजट में अधिसूचना द्वारा राज्य के किसी स्थानीय प्राधिकरण के किसी अग्निशमन दल या किसी अन्य अग्निशमन तथा आपात सेवा, चाहे जिस नाम से पुकारा जाय, को यह घोषित कर सकती है कि उक्त दल या सेवा किसी भी समय राज्य अग्निशमन तथा आपात सेवा का अंग होगा अथवा नहीं होगाः परन्तु यह और कि यह उपबंध, किसी विनिर्दिष्ट भवन या उद्योग के स्वामी या अध्यासी द्वारा उक्त विनिर्दिष्ट भवन या उद्योग हेतु अग्नि सुरक्षा आच्छादन का उपबंध करने के लिए अनुरक्षित निजी अग्निशमन तथा आपात सेवाओं के निमित्त लागू नहीं होगा। (2) इस अधिनियम अथवा स्थानीय प्राधिकरण के संबंध में तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी राज्य सरकार सरकारी गजट में अधिसूचना द्वारा किसी अग्निशमन दल या अग्नि रोकथाम से सम्बन्धित सेवा को अधिसूचना में विनिर्दिष्ट किये जाने वाले दिनांकों से राज्य अग्निशमन तथा आपात सेवा का अंग घोषित कर सकती है। (3) अग्नि के फलस्वरूप हुई आपदा से भिन्न किसी आपदा में सहायता करने के उद्देश्य से समस्त अग्नि शमन सेवाएं आपात सेवाएं मानी जायेंगीः परन्तु यह कि यदि जहाँ आपात सेवा केवल अग्निशमन से संबंधित न हो वहाँ आपात सेवा के प्रभारी प्राधिकारी के विनिश्चय और निदेश अभिभावी होंगे।