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Section 15 of The Seamens Provident Fund Act, 1966 in hindi
- (1)सरकार शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस अधिनियम और स्कीम के प्रयोजनों के लिए, बोर्ड के ऐसे कर्मचारियों को, जिन्हें सरकार ठीक समझे, निरीक्षक नियुक्त कर सकेगी तथा उनकी अधिकारिता परिनिश्चित कर सकेगी ।
- (2)उपधारा (1) के अधीन नियुक्त हर निरीक्षक इस अधिनियम या स्कीम के सम्बन्ध में दी गई किसी जानकारी की शुद्धता की जांच करने के प्रयोजन के लिए, अथवा यह अभिनिश्चय करने के प्रयोजन के लिए कि इस अधिनियम के या स्कीम के उपबन्धों में से किसी का अनुपालन हुआ है या नहीं -- (क) किसी नियोजक से ऐसी जानकारी देने की अपेक्षा कर सकेगा जो वह स्कीम के सम्बन्ध में आवश्यक समझे ; (ख) किसी युक्तियुक्त समय पर और ऐसी सहायता के साथ, यदि कोई हो, जैसी वह ठीक समझे, किसी कार्यालय में या पोत में प्रवेश कर सकेगा, उसकी तलाशी ले सकेगा तथा उसका भारसाधक पाए गए व्यक्ति से यह अपेक्षा कर सकेगा कि वह नाविकों के नियोजन से या नाविकों की मजदूरी के संदाय से सम्बन्धित लेखाओं, बहियों, रजिस्टरों या अन्य दस्तावेजों को उसके समक्ष परीक्षा के लिए पेश करे ; (ग) पूर्वोक््त प्रयोजनों में से किसी से सुसंगत किसी बात के बारे में नियोजक को, उसके अभिकर्ता या सेवक की, या किसी अन्य ऐसे व्यक्ति की, जो कार्यालय या पोत का भारसाधक पाया जाए या जिसके बारे में निरीक्षक को यह विश्वास करने के लिए युक्तियुक्त हेतुक हो कि वह उस कार्यालय में या उस पोत पर कर्मचारी है या रहा है, परीक्षा कर सकेगा ; (घर) निधि के सम्बन्ध में रखी गई किसी पुस्तक, रजिस्टर या अन्य दस्तावेज की प्रतिलिपियां बना सकेगा या उनसे उद्धरण ले सकेगा और जहां कि उसके पास यह विश्वास करने का कारण हो कि इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध नियोजक द्वारा किया गया है वहां वह ऐसी सहायता के साथ, जैसी वह ठीक समझे, ऐसी बही, रजिस्टर या अन्य दस्तावेज या उनके कोई प्रभाग, जैसे वह उस अपराध की बाबत सुसंगत समझे, अभिगृहीत कर सकेगा ; (ड) ऐसी अन्य शक्तियों का प्रयोग कर सकेगा जैसी कि स्कीम में उपबन्धित हों । [(3) दंड प्रक्रिया संहिता, 973 (974 का 2) के उपबंध उपधारा (2) के अधीन की किसी तलाशी या अभिग्रहण को, यथाशक्य, वैसे ही लागू होंगे कि वे उक्त संहिता की धारा 94 के अधीन निकाले गए वारंट के प्राधिकार के अधीन की गई किसी तलाशी या अभिग्रहण को लागू होते हैं ।]
- (4)हर निरीक्षक भारतीय दण्ड संहिता (860 का 45) की धारा 2। के अर्थ के अंदर लोक सेवक समझा जाएगा ।