Section 98 of The Negotiable Instruments Act, 1881 in hindi
अनादर की सूचना कब अनावश्यक है -- अनादर की कोई भी सूचना -
(क) तब आवश्यक नहीं है जब कि उसके हकदार पक्षकार को उसके दिए जाने से अभिमुक्ति दे दी गई है; (ख) लेखीवाल को भारित करने के लिए तब आवश्यक नहीं है, जब कि उसने संदाय प्रत्यादिष्ट कर दिया है; (ग) तब आवश्यक नहीं है जब कि भारित पक्षकार को कोई नुकसान सूचना के अभाव से नहीं हो सकता था; (घ) तब आवश्यक नहीं है जब कि सूचना का हकदार पक्षकार सम्यक् तलाश के पश्चात् नहीं पाया जा सकता या सूचना देने के लिए आबद्ध पक्षकार अपनी किसी त्रुटि के बिना उसे देने में अन्य कारणवश असमर्थ है; (ङ) लेखीवालों को भारित करने के लिए तब आवश्यक नहीं है जब कि प्रतिगृहीता उसका लेखीवाल भी है; (च) उस वचन-पत्र के बारे में आवश्यक नहीं है जो परक्राम्य नहीं है; (छ) तब आवश्यक नहीं है जब कि सूचना का हकदार पक्षकार लिखत पर शोध्य रकम देने का अशर्त वचन तथ्यों को जानते हुए दे देता है।