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Section 75A of The Negotiable Instruments Act, 1881 in hindi
75 - क. प्रतिग्रहण या संदाय के लिए उपस्थापन में विलम्ब के लिए प्रतिहेतु -- प्रतिग्रहण या संदाय के लिए उपस्थापन में विलम्ब यदि धारक के नियंत्रण के परे की परिस्थितियों से हुआ है और उसके व्यतिक्रम, अवचार या उपेक्षा के कारण होने का दोष नहीं लगाया जा सकता तो वह माफी योग्य होगा। जब विलम्ब के कारण का परिविराम हो जाता है तब उपस्थापन युक्तियुक्त समय के अंदर करना होगा ।
75 - क. प्रतिग्रहण या संदाय के लिए उपस्थापन में विलम्ब के लिए प्रतिहेतु -- प्रतिग्रहण या संदाय के लिए उपस्थापन में विलम्ब यदि धारक के नियंत्रण के परे की परिस्थितियों से हुआ है और उसके व्यतिक्रम, अवचार या उपेक्षा के कारण होने का दोष नहीं लगाया जा सकता तो वह माफी योग्य होगा। जब विलम्ब के कारण का परिविराम हो जाता है तब उपस्थापन युक्तियुक्त समय के अंदर करना होगा ।
75PreviousSection 75 अभिकर्ता, मृतक के विधिक प्रतिनिधि या दिवालिया के समनुदेशिती द्वारा या को उपस्थापन -- प्रतिग्रहण या संदाय के लिए उपस्थापन, यथास्थिति, ऊपरवाल, रचयिता, या प्रतिगृहीता के सम्यक् रूप से प्राधिकृत अभिकर्ता को या जहाँ कि ऊपरवाल, रचयिता या प्रतिगृहीता मर गया है वहाँ उसके विधिक प्रतिनिधि को, या जहाँ कि वह दिवालिया घोषित किया जा चुका है वहाँ उसके समनुदेशिती को किया जा सकेगा ।76NextSection 76 76, उपस्थापन कब अनावश्यक होता है --- निम्नलिखित दशाओं में से किसी भी दशा में संदाय के लिए उपस्थापन आवश्यक नहीं है और लिखत उस तारीख़ पर अनावृत हो जाती है, जो उपस्थापन के लिए नियत है, अर्थात्