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Section 9 of The Immoral Traffic (Prevention) Act, 1956 in hindi
2*** कोई व्यक्ति जो अुकिसी “व्यक्ति] को अपनी अभिरक्षा, अपने भाराधीन या देख-रेख में रखते हुए या उस पर प्राधिकार की स्थिति में रहते हुए] उस “[व्यक्ति] को वेश्यावृत्ति के लिए विलुब्ध किए जाने देगा या उसमें सहायता या उसका दुष्प्रेरणा करेगा, प्रथम शदोषसिद्धि पर, दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि सात वर्ष से अन्यून की होगी किन्तु जो आजीवन के लिए या ऐसी अवधि के लिए जो दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा :
परन्तु न्यायालय, पर्याप्त और विशेष कारणों से, जो निर्णय में उल्लिखित किए जाएंगे, सात वर्ष से अन्यून की अवधि के लिए कारावास का दण्डादेश अधिरोपित कर सकेगा ।]
ढक न न क