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Section 2 of The Taxation Laws (Continuation and Validation of Recovery Proceedings) Act, 1964 in hindi
परिभाषाएं
इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,--
(क) “निर्धारिती” से --
- (1)अतिलाभ-कर अधिनियम, 940 (940 का 5) या कारबार-लाभ-कर अधिनियम, 947 (947 का 2) के संबंध में वह व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके द्वारा वह कर या कोई अन्य राशि उस अधिनियम के अधीन संदेय हो ; (ए) सम्पदा-शुल्क अधिनियम, 953 (953 का 34) के संबंध में वह व्यक्ति अभिप्रेत है जो देनदार हो या उस अधिनियम में यथापरिभाषित देनदार व्यक्ति हो ; (पं) किसी अन्य अनुसूचित अधिनियम के संबंध में, वह व्यक्ति अभिप्रेत है जो उस अधिनियम में यथापरिभाषित निर्धारिती हो ; (ख) “सरकारी शोध्य” से जब वह किसी अनुसूचित अधिनियम के संबंध में हो ऐसा कोई भी कर, शुल्क, शास्ति, जुर्माना, ब्याज, वार्षिकी-निक्षेप या कोई भी अन्य राशि अभिप्रेत है जो निर्धारिती द्वारा सरकार को उस अधिनियम के अधीन संदेय हो ; (ग) “अनुसूचित अधिनियम” से अभिप्रेत है अनुसूची में विनिर्दिष्ट कोई भी अधिनियम ; (घ) “कराधायक प्राधिकारी” से किसी अनुसूचित अधिनियम के संबंध में वह आफिसर (चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो) अभिप्रेत है जो उस अधिनियम के अधीन किन्हीं सरकारी शोध्यों के बारे में मांग की सूचना की निर्धारिती पर तामील कराने के लिए सशक्त हो ; (ड) “कर-वसूली आफिसर” से जब वह किसी अनुसूचित अधिनियम के संबंध में उस अधिनियम में यथापरिभाषित कर-वसूली आफिसर अभिप्रेत है और जहां कि ऐसी परिभाषा न हो वहां उससे ऐसा आफिसर (चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो) अभिप्रेत है जिसे सरकारी शोध्यों के बकाया की वसूली के लिए प्रमाणपत्र उस अधिनियम के अधीन भेजा जा सके ।