State · Odisha
Section 10 of The Orissa (Alteration of Name) Act, 2011 in hindi
उड़ीसा (नाम-परिवर्तन) अधिनियम, 20 (20 का अधिनियम संख्यांक 5) [23 सितम्बर, 20] उड़ीसा राज्य का नाम परिवर्तन करने के लिए अधिनियम
भारत गणराज्य के बासखवें वर्ष में संसद् द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो:--
. संक्षिप्त नाम और प्रारंभ--(1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम उड़ीसा (नाम-परिवर्तन) अधिनियम, 20]] है ।
- (2)यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा, जो केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, नियत करे । 2. परिभाषाएं--इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-- (क) “नियत दिन” से इस अधिनियम के प्रवृत्त होने के लिए धारा की उपधारा (2) के अधीन नियत की गई तारीख अभिप्रेत है; (ख) “समुचित सरकार” से संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची ! में प्रगणित किसी विषय से संबंधित किसी विधि की बाबत, केन्द्रीय सरकार और किसी अन्य विधि की बाबत, राज्य सरकार, अभिप्रेत है; (ग) “विधि” के अन्तर्गत संपूर्ण उड़ीसा राज्य या उसके किसी भाग में विधि का बल रखने वाली कोई अधिनियमिति, अध्यादेश, विनियम, आदेश, उपविधि, नियम, स्कीम, अधिसूचना या अन्य लिखत भी है । 3. उड़ीसा राज्य का नाम-परिवर्तन--नियत दिन से ही उड़ीसा राज्य, ओडिशा राज्य के नाम से ज्ञात होगा । 4. अनुच्छेद 64 का संशोधन--संविधान के अनुच्छेद 64 के खंड (1) के परन्तुक में “उड़ीसा” शब्द के स्थान पर “ओडिशा” शब्द रखा जाएगा । 5. अनुच्छेद 273 का संशोधन--संविधान के अनुच्छेद 273 के खंड (1) में “उड़ीसा” शब्द के स्थान पर “ओडिशा” शब्द रखा जाएगा । 6. संविधान की पहली अनुसूची का संशोधन--संविधान की पहली अनुसूची में, “।. राज्य” शीर्षक के अधीन प्रविष्टि 0 के स्तंभ “नाम” के अधीन “उड़ीसा” शब्द के स्थान पर “ओडिशा” शब्द रखा जाएगा । 7. संविधान की चौथी अनुसूची का संशोधन--संविधन की चौथी अनुसूची में “सारणी” शीर्षक के अधीन प्रविष्टि 4 के दूसरे स्तंभ में “उड़ीसा” शब्द के स्थान पर “ओडिशा” शब्द रखा जाएगा । 8. विधियों के अनुकूलन की शक्ति--(1) धारा 3 द्वारा उड़ीसा राज्य के नाम-परिवर्तन को प्रभावी करने के प्रयोजन के लिए, समुचित सरकार, नियत दिन से एक वर्ष के अवसान से पूर्व, आदेश द्वारा, नियत दिन से पूर्व बनाई गई किसी विधि में, निरसन के रूप में या संशोधन के रूप में, ऐसे अनुकूलन और उपांतरण कर सकेगी, जो आवश्यक या समीचीन हों और तदुपरान्त प्रत्येक ऐसी विधि इस प्रकार किए गए अनुकूलनों और उपांतरणों के अधीन रहते हुए प्रभावी होगी ।
- (2)उपधारा (1) की कोई बात किसी सक्षम विधान-मंडल या अन्य सक्षम प्राधिकारी को, उक्त उपधारा के अधीन समुचित सरकार द्वारा अनुकूलित या उपांतरित की गई किसी विधि को निरसित या संशोधित करने से, निवारित करने वाली नहीं समझी जाएगी । 9. विधियों के अर्थान्वयन की शक्ति--इस बात के होते हुए भी कि नियत दिन से पूर्व बनाई गई किसी विधि के अनुकूलन के लिए धारा 8 के अधीन कोई उपबंध नहीं किया गया है या अपर्याप्त उपबंध किया गया है, ऐसी विधि को प्रवृत्त करने के लिए अपेक्षित या सशक्त कोई न्यायालय, अधिकरण या प्राधिकरण, विधि का, सार को प्रभावित किए बिना, ऐसी रीति में, जो न्यायालय, अधिकरण या प्राधिकरण के समक्ष विषय की बाबत आवश्यक या समुचित हो, अर्थ लगा सकेगा । 0. विधिक कार्यवाहियां--जहां, नियत दिन से ठीक पूर्व ऐसी कोई विधिक कार्यवाहियां लंबित हैं, जिनमें उड़ीसा राज्य एक पक्षकार है, वहां उन कार्यवाहियों में उड़ीसा राज्य के स्थान पर ओडिशा राज्य प्रतिस्थापित किया गया समझा जाएगा ।