State · Delhi
Section 3 of The National Capital Territory of Delhi (Recognition of Property Rights of Residents in Unauthorised Colonies) Act, 2019 in hindi
- (1)केन्द्रीय सरकार, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी को यथा लागू भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 और रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 या उनके अधीन बनाए गए किन्हीं नियमों या विनियमों या उपविधियों में और सूरज लैंप एंड इंडस्ट्रीज (पी) लिमिटेड बनाम हरियाणा राज्य और अन्य के मामले में उच्चतम न्यायालय के तारीख 11 अक्टूबर, 2011 के निर्णय में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा किसी अप्राधिकृत कॉलोनी के निवासी के पक्ष में ऐसी स्थावर संपत्ति के संबंध में स्वामित्व या अंतरण अथवा बंधक का अधिकार प्रदान करने या मान्यता देने के लिए नवीनतम मुख्तारनामे, विक्रय करार, वसीयत, कब्जा पत्र और अन्य दस्तावेजों, जिसके अंतर्गत प्रतिफल के संदाय के साक्ष्य दस्तावेज भी हैं, के आधार पर स्थावर संपत्तियों के संव्यवहारों को विनियमित कर सकेगी।
- (2)केन्द्रीय सरकार, राजपत्र में, अधिसूचना के प्रकाशन द्वारा ऐसी स्थावर संपत्ति के संबंध में किसी अप्राधिकृत कॉलोनी के निवासी के पक्ष में, यथास्थिति, किसी हस्तांतरण विलेख या प्राधिकरण पर्ची के माध्यम से स्वामित्व या अंतरण अथवा बंधक का अधिकार प्रदान करने या मान्यता देने के लिए नवीनतम मुख्तारनामे, विक्रय करार, वसीयत, कब्जा पत्र और अन्य दस्तावेजों जिनके अंतर्गत प्रतिफल के संदाय के साक्ष्य दस्तावेज भी हैं, के आधार पर स्थावर संपत्तियों के संव्यवहार के संदाय पर प्रभार नियत कर सकेगी।
- (3)भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 की धारा 27 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रीकरण प्रभार, यथास्थिति, हस्तांतरण विलेख या प्राधिकार पर्ची में उल्लिखित रकम पर संदेय होंगे।
- (4)किसी अप्राधिकृत कॉलोनी का कोई निवासी, जिसके पास रजिस्ट्रीकृत या अरजिस्ट्रीकृत या नोटरीकृत मुख्तारनामा, विक्रय करार, वसीयत, कब्जा पत्र और अन्य दस्तावेज हैं जिनके अंतर्गत प्रतिफल का संदाय करने के साक्ष्य दस्तावेज भी हैं, यथास्थिति, किसी हस्तांतरण विलेख या प्राधिकार पर्ची के माध्यम से उपधारा (2) में निर्दिष्ट प्रभारों का संदाय करने पर स्वामित्व या अंतरण अथवा बंधक के अधिकार के लिए पात्र होंगे।
- (5)उपधारा (4) में निर्दिष्ट किसी संव्यवहार से पूर्व किए गए किन्हीं पूर्ववर्ती विक्रय संव्यवहारों पर कोई स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रीकरण प्रभार संदेय नहीं होंगे।
- (6)किराएदार, अनुज्ञप्तिधारी या अनुज्ञेय उपयोगकर्ताओं पर इस अधिनियम के अधीन किन्हीं संपत्ति अधिकारों को प्रदत्त करने या मान्यता देने पर विचार नहीं किया जाएगा।