Central
Preamble
विधि स्थानीय विस्तार अधिनियम, 874 (1874 का अधिनियम संख्यांक 5)! [8 दिसम्बर, 874] कतिपय अधिनियमितियों का स्थानीय विस्तार घोषित करने के लिए और अन्य प्रयोजनों के लिए अधिनियम
उद्देशिका--विधियां और विनियम बनाने के प्रयोजनार्थ समवेत भारत के सपरिषद् गवर्नर जनरल, भारत की विधायी परिषद् और भारत के गवर्नर जनरल की परिषद् द्वारा पारित कतिपय अधिनियमों का स्थानीय विस्तार घोषित करना समीचीन है ;
और फोर्ट सेंट जार्ज और मुम्बई की प्रेसिडेंसियों में और बंगाल में फोर्ट विलियम की प्रेसिडेंसी के निचले और उत्तर-पश्चिमी प्रान्तों में कतिपय अधिनियमों और विनियमों के स्थानीय विस्तार से संबंधित विधियों का समेकन करना भी समीचीन है:
अत: एतदद्वारा निम्नलिखित रूप में यह घोषित और अधिनियमित किया जाता है :--