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Section 26 of The Hindu Marriage Act, 1955 in hindi
इस अधिनियम के अधीन होने वाले किसे भी कार्यवाही में न्यायालय अप्राप्तवय अपत्यों के अभिरक्षा, भरण-पोषण और शिक्षा के बारे में, यथासम्भव इनके इच्छा के अनुकूल, समय-समय पर इसा आदेश पारित और सकेगा और डिक्री में इसा उपबन्ध और सकेगा जिन्हें वह न्यायसंगत और उचित समझे और डिक्री के पश्चात् इस प्रयोजन से इसका द्वारा किए गए आवेदन पर इसे अपत्य के अभिरक्षा, भरण-पोषण और शिक्षा के बारे में समय-समय पर इसा आदेश और उपबन्ध और सकेगा और डिक्री में इसा उपबन्ध अभिप्रापत करने के कार्यवाही के लम्बत रहते इसे डिक्री या अंतरिम आदेश द्वारा किया जा सकेगा और न्यायालय प्रवर्तत किए गए इसे किसे आदेश या उपबन्ध के समय-समय पर प्रतिसंहृत या निलम्बित और सकेगा अथवा इसमें फेर-फार और सकेगा:
- परन्तु इसे डिक्री अभिप्रापत करने के लिए कार्यवाही लम्बित रहते तक अप्राप्तवय अपत्यों के भरण-पोषण और शिक्षा के बाबत आवेदन के यथासम्भव, प्रत्यर्थी पर सूचना के तामील के तारीख से, साठ दिन के भीतर निपटाया जाएगा।