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Section 5 of The Hind Cycles Limited and Sen-Raleigh Limited (Nationalisation) Act, 1980 in hindi
कुछ पूर्व दायित्वों के लिए दोनों कंपनियों के स्वामियों का दायी होना
- (1)नियत दिन के पूर्व की किसी अवधि के संबंध में दोनों कंपनियों में से प्रत्येक कंपनी का, उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट दायित्व से भिन्न प्रत्येक दायित्व, संबंधित कंपनी का दायित्व होगा और उसके विरुद्ध प्रवर्तनीय होगा, न कि केन्द्रीय सरकार के विरुद्ध या, जहां दोनों कंपनियों के उपक्रम धारा 6 के अधीन सरकारी कंपनियों में निहित होने का निदेश दिया गया है वहां, सम्पृक्त सरकारी कंपनी के विरुद्ध ।
- (2)ऐसी किसी सामग्री के संबंध में उत्पन्न होने वाला दायित्व, जो उस कंपनी के उपक्रमों का प्रबन्ध केन्द्रीय सरकार द्वारा ग्रहण कर लिए जाने के पश्चात् दोनों कंपनियों में से किसी कंपनी को प्रदाय की गई है, नियत दिन से ही, केन्द्रीय सरकार या पूर्वोक्त संपृक्त सरकारी कंपनी का दायित्व हो जाएगा और जब और जैसे ही ऐसे प्रदाय के लिए प्रतिसंदाय शोध्य और संदेय होगा तब और वैसे ही वह सरकार या सरकारी कंपनी उस दायित्व का उन्मोचन करेगी ।
- (3)शंकाओं को दूर करने के लिए यह घोषित किया जाता है कि-- (क) इस धारा में या इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध में अभिव्यक्त रूप से अन्यथा उपबंधित के सिवाय, नियत दिन के पूर्व की किसी अवधि की बाबत दोनों कंपनियों में से किसी कंपनी का कोई दायित्व, जो उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट दायित्व से भिन्न है, केन्द्रीय सरकार या, जहां दोनों कंपनियों के उपक्रम धारा 6 के अधीन सरकारी कंपनियों में निहित होने का निदेश दिया गया है वहां, संपूक्त सरकारी कंपनी के विरुद्ध प्रवर्तनीय नहीं होगा, (ख) दोनों कंपनियों में से किसी कंपनी के उपक्रमों के संबंध में किसी न्यायालय, अधिकरण या अन्य प्राधिकरण का कोई अधिनिर्णय, डिक्री या आदेश, जो नियत दिन के पूर्व उत्पन्न किसी मामले, दावे या विवाद के बारे में, जो उपधारा (2) में निर्दिष्ट किसी विषय के संबंध में मामला, दावा या विवाद नहीं है, नियत दिन को या उसके पश्चात् पारित किया गया है, केन्द्रीय सरकार या, जहां दोनों कंपनियों के उपक्रम धारा 6 के अधीन सरकारी कंपनियों में निहित होने का निदेश दिया गया है वहां, संपृक्त सरकारी कम्पनी के विरुद्ध प्रवर्तनीय नहीं होगा ; (ग) तत्समय प्रवृत्त विधि के किसी उपबंध के, नियत दिन के पूर्व किए गए, उल्लंघन के लिए दोनों कंपनियों में से किसी कम्पनी द्वारा उपगत कोई दायित्व केन्द्रीय सरकार या, जहां दोनों कंपनियों के उपक्रम धारा 6 के अधीन सरकारी कंपनियों में निहित होने का निदेश दिया गया है वहां, संपृक्त सरकारी कंपनी के विरुद्ध प्रवर्तनीय नहीं होगा ।