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Section 4 of The General Clauses Act, 1897 in hindi
पूर्वगामी परिभाषाओं का पूर्व अधिनियमितियों को लागू होना
- (1)धारा 3 में निम्नलिखित शब्दों और पदों, अर्थात् “शपथपत्र”, “बैररस् टर” “धजला न्द यायाधीश”, “धपिता” , “स् थािर संपधत्त” , “कारािास” , “मधजस् रेट”, “मास”, “जंगम संपधत्त”, “शपथ”, “व् यधक् त”, “धारा”, “पुत्र”, “शपथ लेिा”, “धिल” और “िषच” की पररिाषाएं, जब तक कक धिषय या संदिच में कोई बात धिरुद्ध ि हो 1868 की जििरी के तीसरे कदिन के पश् र्ात बिाए गए सब के न्द रीय अधधधियमों को तथा 1887 की जििरी के र्ौदहिें कदिन को या उसके पश् र्ात बिाए गए सब धिधियमों को िी लागू होती है ।\n\n(2) उक् त धारा में धिम् िधलधखत शब् दों और पदों, अथाचत “दुष्प प्रेरण”, “अध् याय” , “प्रारम् ि”, “धित्तीय िषच”, “स् थािीय प्राधधकारी” , “मास् टर”, “अपराध”, “िाग”, “लोक न्द यूसेंस” , “रधजस् रीकृ त”, “अिुसूधर्त”, “पोत”, “धर्ह्ि”, “उपधारा” और “लेखि” की पररिाषाएं जब तक कक धिषय या संदिच में कोई बात धिरुद्ध ि हो, 1887 की जििरी के र्ौदहिें कदिन को या उसके पश् र्ात बिाए गए सब के न्द रीय अधधधियमों और धिधियमों को िी लागू होती है ।